झारखंड के मंत्रियों की बल्ले-बल्ले, वेतन एवं भत्ता नियमावली में हुआ संशोधन, मिलेंगे ये फायदे

इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेकर सभी राज्यों से आरक्षण बढ़ाए जाने पर उनका पक्ष मांगा है. (फाइल फोटो)

इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेकर सभी राज्यों से आरक्षण बढ़ाए जाने पर उनका पक्ष मांगा है. (फाइल फोटो)

Hemant Cabinet Decision: झारखंड में मंत्रियों के लिये वेतन एवं भत्ता नियमावली में संशोधन किया गया है. अब मंत्रिमंडल के सदस्य निजी अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे. वहीं उन्हें जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस भी मुहैया कराया जाएगा.

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रांची. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अगुआई में झारखंड कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट ने सौभाग्य योजना के तहत घरों के विधुतीकरण कार्य हेतु 28.81 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. 2020- 21 में अनुदान के रूप में 4.9 करोड़ रुपये दिए गए हैं. सोलर ग्रिड के जरिये सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों या पहाड़ों पर रहने वाले करीब 7700 घर इससे लाभांवित होंगे. वही क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र चिरौंदी को साइंस सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है. इसके लिए NCSM कोलकाता को 29.50 लाख रुपये DPR तैयार करने के लिये दी गई है.

धनबाद के काको विनोद बिहारी चौक से गोल बिल्डिंग तक के सड़क निर्माण के दौरान हटाए जाने वाले परिवार को पीएम आवास योजना, 5 हजार रुपये नकद और 30 दिनों की न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी. वही दुकानदार के लिये 5 हजार और 30 दिन की न्यूनतम मजदूरी के साथ दुकान का मूल्यांकन करने का निर्णय लिया गया है.

झारखंड के मंत्रियों के लिये वेतन एवं भत्ता नियमावली में संशोधन किया गया है. अब मंत्रिमंडल के सदस्य निजी अस्पतालों में भी इलाज करा सकेंगे. वहीं उन्हें जरूरत पड़ने पर एयर एंबुलेंस भी मुहैया कराया जाएगा. बिल्डिंग बायलॉज में भी संशोधन किया गया है. अब हजार स्क्वायर मीटर पर भी निर्माणकार्य कराया जा सकेगा. वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण अनिवार्य कर दिया गया है.

सरकार की ओर से स्वर्ण रेखा परियोजना के लिये 12 हजार 849 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. साल 2010 में ये 6 हजार 613 करोड़ थी. नई पेंशन योजना के तहत पहले से शामिल लाभुकों को 1 दिसंबर 2004 से लाभ दिया जाएगा.
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