झारखंड में हड़िया-दारु बेचने की मजबूरी से ग्रामीण महिलाओं को मिलेगी मुक्ति, सरकार ने शुरू की ये 3 नई योजनाएं

हेमंत सरकार ने ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए 3 नई योजनाओं की शुरुआत की है.
हेमंत सरकार ने ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए 3 नई योजनाओं की शुरुआत की है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हमारी मां- बहनें सड़कों पर हड़िया-दारु नहीं बेचेंगी. इसके लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जायेगा.

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रांची. ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने तीन नई योजनाओं की शुरुआत की है. ग्रामीण विकास विभाग की इन योजनाओं का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने प्रोजेक्ट भवन में औपचारिक रूप से उद्घाटन किया. ग्रामीण विकास विभाग की पहल पर शुरू होने वाली इन स्कीमों से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा. फूलो झानो आशीर्वाद योजना, आजीविका संवर्धन हुनर अभियान यानी आशा और पलाश ब्रांड के जरिये ग्रामीण महिलाओं, युवकों के साथ-साथ कोरोना संकट में बाहर से लौटे श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने की सरकार की कोशिश है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधित करते हुए कहा की पलाश ब्रांड के जरिए ना केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय लोगों को हुनर दिखाने का अवसर भी मिलेगा. उन्होंने पलाश ब्रांड में अधिक से अधिक उत्पादों को जोड़ने की अपील करते हुए कहा इसकी मार्केटिंग यदि अच्छे ढंग से हो जाती है, तो राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम होगा.

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पलाश ब्रांड के सामानों को अपने घर में उपयोग करने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हमारी महिला बहनें सड़कों पर हड़िया-दारु नहीं बेचेंगी. इसके लिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जायेगा.




वहीं इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए कहा कि फुलो झानो आशीर्वाद अभियान के तहत सड़क किनारे दारू और हड़िया बेचने वाली महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर हड़िया दारू बेचने की कुप्रथा को सरकार खत्म करना चाहती है.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पलाश ब्रांड उत्पाद प्रचार सह बिक्री वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और JSLPS द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी निरीक्षण कर सखी मंडल दीदी द्वारा तैयार सामानों की जानकारी ली.

आजीविका संवर्धन हुनर अभियान यानी आशा का लाभ करीब 17 लाख परिवारों को मिलेगा. इसके माध्यम से सखी मंडल की बहनें कृषि आधारित आजीविका से जुड़ेंगी. सखी मंडल द्वारा निर्मित सामानों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की व्यवस्था होगी. साथ ही समाज के अति गरीब तबके एवं दारु हड़िया बेचने वाली महिलाओं को कॉउसलिंग कर आजीविका के अन्य साधनों से जोड़ा जायेगा.

वहीं फुलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत हड़िया-दारु के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को चिन्हित कर सम्मानजनक आजीविका के साधनो से जोड़ा जाएगा. राज्य की 15 हजार से ज्यादा हड़िया-दारु निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी महिलाओं का सर्वेक्षण मिशन नवजीवन के तहत किया जा चुका है. इन महिलाओं को काउंसेलिंग कर मुख्यधारा की आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जाएगा.
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