मनरेगा मजदूरों पर मेहरबां हुई हेमंत सरकार, 198 से बढ़ाकर 225 रुपये की मजदूरी

झारखंड में पहले मनरेगा मजदूरों को 198 रुपया मजदूरी मिलती थी.

झारखंड में पहले मनरेगा मजदूरों को 198 रुपया मजदूरी मिलती थी.

झारखंड में एक अप्रैल से मनरेगा मजदूरों को 225 रुपये पारिश्रमिक दिया जा रहा है. इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के डीसी को पत्र लिखकर आदेश दे दिया है.

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रांची. राज्य सरकार (Jharkhand Government) की ओर से दावा किया गया है कि सरकार ने झारखंड के श्रमिकों को मिलने वाला पारिश्रमिक 198 रुपये से बढ़ाने का आग्रह किया था. प्रदेश सरकार के मुताबिक केंद्र सरकार की ओर से इस दिशा में कोई पहल नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री ने अपने स्तर से ही मजदूरी बढ़ाने का निर्णय ले लिया.

झारखंड में एक अप्रैल से मनरेगा मजदूरों को 225 रुपये पारिश्रमिक दिया जा रहा है. इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य के सभी उपायुक्तों, उप विकास आयुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक को बढ़े हुए दर से भुगतान करने से संबंधित पत्र जारी कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने भारत सरकार से मनरेगा के तहत झारखण्ड के श्रमिकों को मिलने वाले पारिश्रमिक 198 रुपये को बढ़ाने का आग्रह किया था. लेकिन भारत सरकार से सकारात्मक पहल नहीं किये जाने के उपरांत मुख्यमंत्री ने मजदूरी दर में बढ़ोतरी कर दी. भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रति मानव दिवस मजदूरी दर एवं राशि रुपये 225 के अंतर की राशि का व्यय राज्य सरकार द्वारा राज्य योजना से वहन किया जाएगा.

झारखंड सरकार का दावा है कि इससे राज्य में मनरेगा के तहत काम करने वाले श्रमिकों की रुचि बढ़ेगी. ग्रामीण विकास को और रफ्तार भी मिलेगी जिससे प्रदेश में विकास योजनाओं को लागू करने में धरातल पर सफल हो सकते हैं. केंद्र सरकार से मांग झारखंड सरकार सहयोग करने की अपील भी की.
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