बिजली के मुद्दे हेमंत का प्रहार, वोट की चोट पर किकआउट होगी रघुवर सरकार

सूबे को नवम्बर 2018 तक निर्बाध बिजली देने का वादा मौजूदा रघुवर सरकार ने किया था. यह वक्त कब का गुजर गया, लेकिन लोगों को बिजली संकट से छुटकारा नहीं मिला.

News18 Jharkhand
Updated: June 17, 2019, 3:47 PM IST
बिजली के मुद्दे हेमंत का प्रहार, वोट की चोट पर किकआउट होगी रघुवर सरकार
हेमंत सोरेन
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Updated: June 17, 2019, 3:47 PM IST
झारखंड में बिजली पर सियासत शुरू हो गयी है. राज्य में बिजली संकट से परेशान लोगों से नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने अपील की है कि वे मौजूदा सरकार को वोट के माध्यम से किकआउट करें. उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार से जनता बिजली-पानी की उम्मीद ना करें. हेमन्त सोरेन की इस अपील पर सत्तापक्ष ने आंखें तरेर ली हैं.

8 से 9 घंटे तक होता पावरकट

सूबे को नवम्बर 2018 तक निर्बाध बिजली देने का वादा मौजूदा रघुवर सरकार ने किया था. यह वक्त कब का गुजर गया, लेकिन लोगों को बिजली संकट से छुटकारा नहीं मिला. गांव तो गांव, शहरी क्षेत्र में भी आठ से नौ घंटे का पावरकट हो रहा है. नेता प्रतिपक्ष की माने तो मौजूदा सरकार लोगों को निर्बाध बिजली देने में सक्षम नहीं है.

हेमंत की अपील का नहीं पड़ेगा प्रभाव 

इधर, सत्ता पक्ष भी मानता है कि राज्य में बिजली की स्थिति बेहतर नहीं है. लेकिन हेमन्त सोरेन के बयान पर सत्ता पक्ष ने आंखें तरेर ली है. सूबे के नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि राज्य की जनता हेमन्त सोरेन के बयान में उलझने वाली नहीं है. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति लोकसभा चुनाव में अपने पिता को चुनाव नहीं जीता सका, उनकी अपील से जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है.

विधानसभा चुनाव में बनेगा मुद्दा 

राज्य सरकार विधानसभा चुनाव के मोड में आ चुकी है. साल अंत में विधानसभा चुनाव होना है. ऐसे में बिजली- पानी की स्थिति सरकार के लिए खेल बिगाड़ने वाली साबित हो सकती है. विपक्ष इन्हें मुद्दा बनाने की तैयारी में है.
रिपोर्ट- अजय लाल

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