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झारखंड में धोती-साड़ी-लुंगी बांटेगी हेमंत सरकार, जानें किसको मिलेगा फायदा और क्‍यों खास है यह स्‍कीम?

Sona-Sobran Scheme: हेमंत सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों के लिए 22 सितंबर को खास योजना शुरू करने जा रही है. (फाइल फोटो)

Sona-Sobran Scheme: हेमंत सरकार गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वालों के लिए 22 सितंबर को खास योजना शुरू करने जा रही है. (फाइल फोटो)

Dhoti, Saree, Lungi Yojna in Jharkhand: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार प्रदेश में 22 सितंबर को ‘सोना-सोबरन योजना’ लॉन्‍च करने जा रही है. इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को एक साड़ी और एक धोती या लुंगी दी जाएगी.

  • News18Hindi
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    रांची. झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार प्रदेश के गरीब-गुरबों के लिए खास योजना शुरू करने जा रही हैं. इसे ‘सोना-सोबरन योजना’ का नाम दिया गया है. झारखंड कैबिनेट ने योजना को हरी झंडी दे दी है. इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों को एक साड़ी और एक धोती या लुंगी दी जाएगी . इसके लिए BPL परिवारों को सिर्फ 10 रुपये देने होंगे. मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन 22 सितंबर को दुमका से इस विशेष योजना की शुरुआत करेंगे.

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, योजना का लाभ 57.10 लाख BPL परिवार उठा सकेंगे. गरीबी रेखा से नीचे आने वाले लोगों को साल में दो बार रियायती दर 10 रुपये में साड़ी और धोती या लुंगी दिया जाएगा.

    2014 में हेमंत सोरेन ने ही लागू की थी योजना
    ‘सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना’ पहली बार 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ही आरंभ की थी. रघुबर दास के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे बंद कर दिया था. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने घोषणापत्र में सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना को फिर से शुरू करने का वादा किया था.

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    पीडीएस दुकानों से बंटेगी सामग्री, दिखाने होंंगे दस्तावेेज

    योजना के अंतर्गत वितरित की जाने वाली साड़ी और धोती पीडीएस (जनवितरण प्रणाली) दुकानों के जरिये से बांटी जाएगी. योजना का लाभ सिर्फ झारखंड के निवासियों को ही मिलेगा. इस स्‍कीम का लाभ उठाने के लिए मूल निवास प्रमाणपत्र, गरीबी रेखा कार्ड, आधार कार्ड और राशन कार्ड मुहैया कराना जरूरी होगा. जिनके पास ये दस्‍तावेज नहीं होंगे, वे सोना-सोबरन योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे.

    जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का लक्ष्य

    इस योजना से रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत जरूरतों में कपड़े की आवश्‍यकता को पूरा करने का लक्ष्‍य रखा गया है. झारखंड में सत्‍तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक दल JMM ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सोना-सोबरन योजना को दोबारा से लागू करने का वादा किया था. हेमंत सरकार उस वादे को पूरा करने की तैयारी में जुटे हैं. बता दें कि बड़ी तादाद में झारखंड वासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. ऐसे ही वंचितों को जरूरी सुविधाएं देने की कोशिश की जा रही है.

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