हेमंत बोले- किसान लखन महतो को सिस्टम ने मरने पर मजबूर किया

हेमंत सोरेन ने कहा कि सिस्टम ने लखन महतो को मरने पर मजबूर कर दिया. गांववालों ने हेमन्त सोरेन को जानकारी दी कि बीडीओ संतोष कुमार भुगतान के बदले उनसे कमीशन की मांग करते हैं.

News18 Jharkhand
Updated: July 31, 2019, 10:50 AM IST
हेमंत बोले- किसान लखन महतो को सिस्टम ने मरने पर मजबूर किया
किसान लखन महतो के परिवार से मुलाकात करते नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन
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Updated: July 31, 2019, 10:50 AM IST
नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने रांची के चान्हो में किसान लखन महतो के परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सिस्टम ने लखन महतो को मरने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने मौके से रांची के डीसी राय महिमापत रे से बात की. गांववालों ने हेमन्त सोरेन को जानकारी दी कि बीडीओ संतोष कुमार भुगतान के बदले उनसे कमीशन की मांग करते हैं. पूर्व सीएम ने डीसी से तत्काल बीडीओ को हटाने की मांग की. साथ ही सरकार से लखन महतो की पत्नी को सरकारी नौकरी और दस लाख रुपये मुआवजा देने की भी अपील की. बीते रविवार को मनरेगा का पैसा नहीं मिलने के कारण किसान लखन महतो ने कुएं में कूद कर जान दे दी थी.

मनरेगा का पैसा नहीं मिलने पर की खुदकुशी  

चान्हो थाना क्षेत्र के पतरातू गांव में किसान लखन महतो ने खुदकुशी कर ली थी. जानकारी के मुताबिक किसान ने मनरेगा के तहत अपने घर के पास कुएं का निर्माण कराया था. लेकिन उसको इसके पैसे का भुगतान नहीं हुआ था. उसने अपने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर कुएं का निर्माण कराया था. बीते शुक्रवार को वह बेटे के साथ प्रखंड कार्यालय भी गया था, लेकिन उसे बाकी बचे पैसे का भुगतान नहीं किया गया. जिसकी वजह से परेशान चल रहा था.

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मृतक किसान लखन महतो


कर्ज लेकर बनाया था कुआं

लखन महतो शुक्रवार की शाम को अपने घर से गायब हो गया. बेटे सूरज कुमार ने उसे कई जगह खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिला. रविवार सुबह उसकी लाश घर के उसी कुएं में मिली. लखन महतो मनरेगा के तहत अपने घर में इसी कुएं का निर्माण कराया था, जिसकी कुल लागत 3 लाख 54 हज़ार रुपये आयी थी. उसको मात्र 2 लाख 1 हजार 471 रुपये का भुगतान हुआ है. एक सप्ताह पहले लखन ने ब्लॉक कार्यालय में सूचना दी थी कि उसने कुएं का निर्माण पूरा कर लिया है. लिहाज़ा बाकी बचे पैसे का भुगतान किया जाए. लखन के ऊपर तीन साल से रिश्तेदारों का लगभग 1लाख 60 हजार रुपये का कर्ज था. इस कर्ज को लेकर वह भी परेशान था.

इनपुट- अजयलाल
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First published: July 31, 2019, 10:49 AM IST
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