हेमंत सोरेन ने खुली चिट्ठी लिखकर सीएम रघुवर दास से पूछा, ये कैसा विकास कि लोग कर रहे हैं आत्महत्या

हेमंत सोरेन आगे लिखते हैं कि किसान लखन महतो की मौत के लिए आप किसको जिम्मेवार ठहराएंगे. अधिकारी, आपकी नीतियां या आप स्वयं. मनरेगा में भ्रष्टाचार से पूरे राज्य के लाभुक त्रस्त हैं.

News18 Jharkhand
Updated: August 2, 2019, 10:35 AM IST
हेमंत सोरेन ने खुली चिट्ठी लिखकर सीएम रघुवर दास से पूछा, ये कैसा विकास कि लोग कर रहे हैं आत्महत्या
किसान लखन महतो की मौत पर हेमंत सोरेन ने सीएम रघुवर दास को लिखा खुला पत्र
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Updated: August 2, 2019, 10:35 AM IST
नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने किसान लखन महतो की मौत पर सीएम रघुवर दास को खुला पत्र लिखा है. उन्होंने लिखा कि लखन महतो की मौत दर्दनाक और हृदयविदारक है. रांची के पतरातु पंचायत के 18 मरनेगा लाभुकों में से एक लखन महतो भी थे. इससे राज्य के अन्य प्रखंडों की स्थिति समझी जा सकती है. न जाने कितने लखन जिंदगी और मौत से जद्दोजहद कर रहे होंगे. राज्य की जनता को डबल इंजन की सरकार से लाभ पहुंचाने का जो दावा आप करते हैं, उसका असली चेहरा अब आपके सामने है.

सीएम के नाम हेमंत की खुली चिट्ठी

हेमंत सोरेन आगे लिखते हैं कि इसके लिए आप किसको जिम्मेवार ठहराएंगे. अधिकारी, आपकी नीतियां या आप स्वयं. मनरेगा में भ्रष्टाचार से पूरे राज्य के लाभुक त्रस्त हैं. लखन महतो के परिवार को बकाये का भुगतान हो और मुआवजे भी मिले. उनकी मां को वृद्धा पेंशन भी नहीं मिल रही है. लखन के लिए मनरेगा का कुआं वरदान नहीं, अभिशाप साबित हुआ. एक तरफ कर्ज का दबाव, दूसरी तरफ रोजी- रोटी की चिंता. जिंदगी से निराश होकर उन्होंने जान दे दी. क्या यही विकास है कि लोग आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं. चान्हो प्रखंड में 25 मनरेगा लाभुक हैं, जिनका 45 करोड़ रुपया बकाया है.

हेमंत सोरेन ने पीड़ित परिवार से की थी मुलाकात 

बीते मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष हेमन्त सोरेन ने रांची के चान्हो में किसान लखन महतो के परिजनों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सिस्टम ने लखन महतो को मरने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने मौके से रांची के डीसी राय महिमापत रे से बात की थी. गांववालों ने हेमन्त सोरेन को जानकारी दी कि बीडीओ संतोष कुमार भुगतान के बदले उनसे कमीशन की मांग करते हैं. पूर्व सीएम ने डीसी से तत्काल बीडीओ को हटाने की मांग की. साथ ही सरकार से लखन महतो की पत्नी को सरकारी नौकरी और दस लाख रुपये मुआवजा देने की भी अपील की.

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किसान लखन महतो के परिवार के साथ हेमंत सोरेन


मनरेगा का पैसा नहीं मिलने पर की खुदकुशी  
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बीते रविवार को मनरेगा का बकाया पैसा नहीं मिलने के कारण किसान लखन महतो ने कुएं में कूद कर जान दे दी. उसने मनरेगा के तहत अपने घर के पास कुएं का निर्माण कराया था. इसकी कुल लागत 3 लाख 54 हज़ार रुपये आयी थी. उसको मात्र 2 लाख 1 हजार 471 रुपये का ही भुगतान हुआ. बकाया राशि को लेकर वह ब्लॉक ऑफिस के चक्कर काटने पर मजबूर था.

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मृतक किसान लखन महतो


लखन के ऊपर तीन साल से रिश्तेदारों का लगभग एक लाख 60 हजार रुपये का कर्ज था. इस वजह से वह ज्यादा परेशान चल रहा था.

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First published: August 2, 2019, 10:30 AM IST
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