Home /News /jharkhand /

Ranchi News : पूर्व CM ने कहा 'सेवासदन तोड़ने का आदेश समझ से परे', झारखंड हाई कोर्ट ने लगाई रोक

Ranchi News : पूर्व CM ने कहा 'सेवासदन तोड़ने का आदेश समझ से परे', झारखंड हाई कोर्ट ने लगाई रोक

नागरमल मोदी सेवासदन अस्पताल का ​नर्सिंग वार्ड.

नागरमल मोदी सेवासदन अस्पताल का ​नर्सिंग वार्ड.

रांची की दशकों पुराने चिकित्सा संस्थान ने नगर निगम के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया. यही नहीं, नए मरीज़ों को भर्ती करने के निगम के आदेश को भी सेवासदन ने मानने से मना कर दिया.

रांची. नागरमल मोदी सेवासदन और राजधानी के अपर बाज़ार में स्थित कई मकानों को तोड़ने संबंधी नगर निगम के आदेश पर राजनीति भी तेज़ हो गई है और मामला हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है. झारखंड हाई कोर्ट ने अपीलीय प्राधिकार बनाए जाने तक रांची नगर निगम के इस आदेश पर रोक लगा दी है. राज्य सरकार से कहा गया है कि एक हफ्ते के भीतर प्राधिकार को फंक्शनल किया जाए और तब तक रांची निगम के उस आदेश पर कोई कार्रवाई न की जाए, जिसमें मकानों और भवनों को ढहाने की बात कही गई है. इधर, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास भी इस मामले में निगम के आदेश को आड़े हाथों ले रहे हैं.

झारखंड की राजधानी रांची के नागरमल मोदी सेवासदन अस्पताल व अपर बाजार के करीब 200 मकानों को तोड़ने के मामले नगर निगम के आयुक्त मुकेश कुमार ने कहा था कि निगम कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा. इसके बाद उन आदेशों पर हाई कोर्ट ने रोक लगाते हुए रांची के अपर बाजार में पार्किंग निर्माण तक नो पार्किंग ज़ोन न बनाने और पुलिस को ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए. गौरतलब है कि निगम के फैसले पर 63 साल पुराने सेवासदन ने कहा था कि 1980 में आरडीए के पास नक्शे को निगम के न मानने पर वह हाई कोर्ट जाएगा.

ये भी पढ़ें : धनबाद पहुंची CBI, जज मौत मामले में SIT से किए सवाल, आरोपियों की रिमांड की तैयारी

निगम का फैसला समझ से परे : दास
पूर्व मुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास ने सेवासदन को तोड़ने संबंधी आदेश को समझ से परे बताते हुए कहा कि प्रभावशालियों को केवल नोटिस देकर खानापूर्ति की जा रही है, वहीं जनसेवा में जुटे एक अस्पताल को गिराने का फरमान दिया जा रहा है. ‘कोरोना के समय में सेवासदन ने डटकर लोगों की सेवा की और कई लोगों की जान बचाई. इसे तोड़ने का निर्णय पूरी तरह से अव्यावहारिक है, इसे तुरंत वापस लेना चाहिए.’

jharkhand news, ranchi news, ranchi nagar nigam, raghubar das speech, ranchi demolition case, झारखंड न्यूज़, रांची न्यूज़, रांची नगर निगम, रघुबर दास बयान

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास.

कैसे आमने सामने आए निगम और सेवासदन?
63 साली पुरानी चिकित्सा संस्था सेवा सदन के भवन को तोड़ने का आदेश रांची नगर निगम के नगर आयुक्त ने दिया. सेवा सदन प्रबंधन ने कहा कि नगर आयुक्त का यह आदेश गलत है. इसे हाइकोर्ट में चुनौती दी जाएगी. प्रबंधन का कहना है कि सेवा सदन भवन का नक्शा 1980 में आरआडीए ने पास किया था. निगम के सामने इसे प्रस्तुत किया गया, लेकिन नगर आयुक्त इसे नहीं मान रहे हैं. वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने यह भी साफ कहा कि मरीजों को भर्ती नहीं करने का आदेश आयुक्त नहीं दे सकते. जो मरीज़ आएगा, उसे ज़रूरी होने पर भर्ती किया जाएगा.

ये भी पढ़ें : भवन गिराने के मामले में नगर निगम दोफाड़, अफसरों और नेताओं में ठनी

दूसरी ओर बुधवार को नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि सेवा सदन अवैध निर्माण है. सेवा सदन ही नहीं, बल्कि राजधानी के ऐसे सभी भवन तोड़े जाएंगे. ऐसा अवैध निर्माण कराने वाले अपने भवन को खाली कर दें. उन्होंने कहा कि सेवा सदन को 15 दिन का समय दिया गया और 16वें दिन से कार्रवाई शुरू हो जाएगी. इस मामले में लगातार खबरें देते हुए न्यूज़18 ने आपको बताया था कि कैसे निगम के जनप्रतिनिधि निगम प्रशासन के विरोध में उतर चुके हैं.

Tags: Jharkhand news, Ranchi High Court, Ranchi Municipal Corporation, Ranchi news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर