रांची सदर अस्पताल में 10 दिनों के भीतर ऑक्सीजन बेड्स का काम पूरा न हुआ तो कार्रवाई- HC

रांची सदर अस्पताल में 300 ऑक्सीजन बेड का काम 10 दिन में पूरा करने का आदेश. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रांची सदर अस्पताल में 300 ऑक्सीजन बेड का काम 10 दिन में पूरा करने का आदेश. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झारखंड की राजधानी रांची के सदर अस्पताल में ऑक्सीजन बेड का काम पूरा न होने से हाईकोर्ट नाराज. निर्माता कंपनी से मांगा जवाब. सदर अस्पताल में 300 ऑक्सीजन बेड शुरू करने के मामले पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र को भी हस्तक्षेप करने का दिया निर्देश.

  • Share this:

रांची. झारखंड में कोरोना महामारी के संक्रमण की खबरों के बीच अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड के इंतजाम में ढिलाई को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है. राजधानी रांची के सदर अस्पताल में 300 ऑक्सीजन बेड के निर्माण कार्य में देरी को लेकर कोर्ट ने कंपनी को चेतावनी दी है. ऑक्सीजन बेड के काम में लगी विजेता कंस्ट्रक्शन कंपनी को चेतावनी देते हुए कोर्ट ने 10 दिन के भीतर काम पूरा करने का आदेश दिया है. साथ ही इस मामले में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, बोकारो और केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करने को कहा है. कोर्ट ने कंपनी से इस मामले में जवाब भी तलब किया है.

गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के दौरान भी हाईकोर्ट ने विजेता कंस्ट्रक्शन को फिर कड़ी फटकार लगाई. हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन एवं जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच ने कंपनी को अपना रवैया सुधारने का निर्देश दिया. कोर्ट ने टिप्पणी की कि विजेता कंस्ट्रक्शन ने अपने सब कॉन्ट्रैक्टर्स का पैसा रोक रखा है, जिससे काम में बाधा हो रही है. इधर, इस मामले में आज कोर्ट में SAIL की ओर से कहा गया कि उसके पास 5000 लीटर क्षमता वाला ऑक्सीजन टैंकर नहीं है. इस पर अदालत ने HEC और हिंडाल्को को वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. आपको बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट में ज्योति शर्मा की अवमानना याचिका पर यह सुनवाई हो रही है.

इससे पहले बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दो जजों की बेंच ने निर्माता कंपनी के जवाब पर नाराजगी जताई थी. कंपनी की तरफ से बीते 3 अप्रैल को सुनवाई में कहा गया था कि 30 दिनों के भीतर सदर अस्पताल में ऑक्सीजन बेड के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा. इस पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने 10 दिनों में काम पूरा करने का आदेश दिया. HC ने मामले की सुनवाई के दौरान विजेता कंस्ट्रक्शन से पूछा कि सदर अस्पताल के ऑक्सीजन बेड में स्टोरेज टैंक का काम कितने दिनों में पूरा हो जाएगा, इस पर एक दिन में जवाब दे. अदालत ने मामले में सेल, बोकारो और केंद्र सरकार को भी हस्तक्षेप करने का निर्देश दिया. सुनवाई के दौरान विजेता कंस्ट्रक्शन की ओर से 30 दिनों में काम पूरा करने की बात पर अदालत ने असंतुष्टि जताई.

हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा. अदालत में आज भी इस मामले पर सुनवाई होगी. इससे पहले 3 अप्रैल को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कंपनी को 30 दिनों के भीतर काम पूरा करने का आदेश दिया था. उस समय भी अदालत ने सदर अस्पताल में 300 ऑक्सीजन युक्त बेड शुरू न करने पर नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने सभी संसाधन उपलब्ध कराकर 5 मई तक काम पूरा करने और इस बारे में कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया था. साथ ही यह भी कहा था कि आदेश न मानने पर कड़ी कार्रवाई होगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज