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झारखंड में हुक्का बार पूरी तरह से बैन, नियम तोड़ने पर 3 साल की सजा या 1 लाख का जुर्माना

झारखंड में हुक्का बार पूरी तरह से बैन, नियम तोड़ने पर 3 साल की सजा या 1 लाख का जुर्माना

झारखंड सरकार ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पाबंदी के लिए संशोधित कोटपा कानून को पास कर दिया है.

झारखंड सरकार ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पाबंदी के लिए संशोधित कोटपा कानून को पास कर दिया है.

झारखंड में तंबाकू उत्पादों के सेवन से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने कोटपा अधिनियम के संशोधित प्रस्तावों को मंजूरी दी. शैक्षणिक संस्थानों के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों, अदालतों के 100 गज के दायरे में भी नहीं बिक सकेंगे तंबाकू उत्पाद.

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रांची. झारखंड सरकार ने राज्य में तंबाकू सेवन पर नियंत्रण के लिए संशोधित कानून लागू कर दिया है. सरकार ने कोटपा एक्ट (Cigarettes and Other Tobacco Products Act) के संशोधित प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. इसके तहत अब प्रदेश में हुक्का बार पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है. साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के पास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का दायरा भी बढ़ा दिया है. अब अस्पताल या अन्य स्वास्थ्य संस्थान, सार्वजनिक दफ्तर और अदालतों के 100 गज के दायरे में भी तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है. सरकार ने कहा है कि नियम तोड़ने पर 3 साल की सजा या 1 लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा.

विधानसभा ने सोमवार को कोटपा संशोधन विधेयक 2021 (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद, विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण विनियमन, झारखंड संशोधन विधेयक) को पास कर दिया. विधानसभा में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि झारखंड कोटपा संशोधन विधेयक के सभी प्रस्तावों को पास करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (गेट्स) 2017 के अनुसार, झारखंड में 38.9 प्रतिशत लोग किसी-न-किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं. धूम्रपान करने वालों की आबादी जहां 11.1 प्रतिशत है, वहीं 35.4 प्रतिशत लोग तंबाकू के अन्य उत्पादों का सेवन करते हैं.

झारखंड में भी तंबाकू सेवन बड़ी समस्या
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तंबाकू सेवन देश के साथ-साथ झारखंड की भी तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या है. हर साल भारत में तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों से लगभग 13.5 लाख लोगों की मौत हो रही है. यह देश की उत्पादकता और अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी चुनौती है. भारत में कैंसर से मरने वाले 100 रोगियों में से 40 रोगी तंबाकू सेवन के कारण मरते हैं. हालांकि पूर्व में 18 वर्ष से कम उम्र के अवयस्क को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध था, जिसे बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया गया है. अब 18 वर्ष के बजाए 21 वर्ष से कम उम्र के अवयस्क लोग तंबाकू उत्पाद नहीं खरीद सकेंगे.

Tags: Hemant soren, Hukka bar ban, Jharkhand Government, Tobacco Ban

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