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झारखंड में 18 हजार लोगों पर एक डॉक्टर, कैसे मिलेगा 57 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज?

झारखंड में 18 हजार लोगों पर एक डॉक्टर, कैसे मिलेगा 57 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज?

(फाइल फोटो)

(फाइल फोटो)

स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की बात करें तो जरूरत की तुलना में यहां मात्र 4.5 फीसदी ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स हैं. सूबे को 994 स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की जरूरत है, लेकिन मात्र 45 डॉक्टर्स विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं.

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झारखंड की धरती से पूरे देश को आयुष्मान भारत योजना की सौगात देने वाले हैं. यह भारत ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है. इसका सीधा लाभ झारखंड के 57 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा. वे पांच लाख तक का इलाज मुफ्त में करा पाएंगे. लेकिन क्या झारखंड जमीनी स्तर पर इस योजना के लिए तैयार है?

    देश के प्रति एक हजार लोगों पर 1 डॉक्टर के मुकाबले झारखंड में 18,518 लोगों पर 1 डॉक्टर है. स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की बात करें तो जरूरत की तुलना में यहां मात्र 4.5 फीसदी ही स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स हैं. सूबे को 994 स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की जरूरत है, लेकिन मात्र 45 डॉक्टर्स विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं. इसके अलावा राज्य के कुल 1538 स्वास्थ्य केंद्रों में से 1015 केंद्र अभी भी निर्माणाधीन अवस्था में ही है. राज्यभर की सवा तीन करोड़ जनता के लिए सिर्फ 256 एंबुलेंस की व्यवस्था है. जबकि सरकारी नॉर्म्स के अनुसार प्रति एक लाख की आबादी पर एक एंबुलेंस जरूरी है.

    राजधानी रांची की बात करें तो मात्र 20 एंबुलेंस पर रांची के दस लाख से अधिक आबादी आधारित है. अकेले सिर्फ रिम्स में ही प्रतिदिन लगभग 1200 मरीज इलाज कराने आते हैं. राज्य के कई सरकारी अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की भी किल्लत रहती है. एेसे में झारखंड के 57 लाख चिह्नित परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ कैसे मिल पाएगा, ये बड़ा सवाल है.

    Tags: Jharkhand news, Ranchi news

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