ऐसे में झारखंड कैसे जीतेगा कोरोना से जंग? सैंपल जांच की रफ्तार है बेहद धीमी
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ऐसे में झारखंड कैसे जीतेगा कोरोना से जंग? सैंपल जांच की रफ्तार है बेहद धीमी
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रांची के रिम्स (RIMS) में पहले से ही एक हजार के अधिक सैंपल (Sample) जांच के लिए जमा हैं. ऊपर से हर दिन नये सैम्पल आ रहे हैं.

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रांची. झारखंड में कोरोना के बढ़ते संक्रमण (Corona Infection) के बीच बड़ी समस्या सैम्पल जांच की धीमी रफ्तार है. सिर्फ रिम्स (RIMS) में एक हजार से ज्यादा कोरोना संदिग्धों के सैंपल जांच के इंतजार में हैं. जमशेदपुर के एमजीएम, धनबाद के पीएमसीएच और इटकी जांच घर में भी कमोबेश स्थिति ऐसी ही हैं. इन जगहों पर भी बड़ी संख्या में सैंपल जमा हैं. सूबे में अबतक 59 कोरोना पॉजिटिव मरीज (Corona Patients) मिल चुके हैं. जबकि रिम्स सहित राज्य के चार माइक्रोबायोलॉजी लैब में 13 सौ से ज्यादा सैम्पल जांच के लिए लाइन में हैं.

रिम्स में एक हजार से ज्यादा सैंपल लाइन में

सूत्रों के अनुसार सिर्फ रांची के रिम्स में पहले से ही एक हजार के अधिक सैंपल जांच के लिए जमा हैं. ऊपर से हर दिन नये सैम्पल आ रहे हैं. रिम्स के माइक्रो बायोलॉजी के हेड डॉ. मनोज कुमार कहते हैं कि संदिग्धों के गले का स्वाब और नाक से लिया गया नेसो फैरिंजील को चार डिग्री पर 7 दिन रखा जाता है. उससे ज्यादा दिनों तक सैम्पल खराब न हो, इसलिए माइनस 20 से माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान होना चाहिए. सैंपल की जांच में देरी को लेकर डॉ मनोज ने कहा कि कम संसाधन में 24 घंटे का काम लिया जा रहा है. कई काम मैन्युअल होता है, इसलिये रिपोर्ट आने में समय लग रहा है.



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सैंपल की जांच और रिपोर्ट आने में देरी का क्या परिणाम हो सकता है, इसका नजारा भी रिम्स में दिखा. पिछले मंगलवार को ही रिम्स में हिंदपीढ़ी की गर्भवती महिला भर्ती हुई थी. बच्चा जन्म देने के बाद उसकी रिपोर्ट गुरुवार की रात पॉजिटिव आई. जिसके बाद अस्पताल के कई डॉक्टर और नर्स को क्वारंटाइन किया गया है.अगर रिपोर्ट जल्दी आती, तो ये लोग कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने से बच सकते थे.

रिम्स में रोजाना 300 से 350 टेस्ट होते हैं

रिम्स के निदेशक डॉ डीके सिंह ने कहा कि यह सही है कि हमारे यहां सैम्पल बड़ी संख्या में पड़े हैं. पर हमने जांच की संख्या बढ़ाई है. अब हम 300 से 350 के एवरेज में रोज जांच कर रहे हैं. जल्द सारे बैकलॉग समाप्त हो जाएंगे.

राज्य में मात्र चार सैंपल जांच केन्द्र 

सवा तीन करोड़ की आबादी वाले राज्य झारखंड में महज चार कोरोना जांच केंद्र हैं. नतीजा हर जांच केंद्र पर सैंम्पल की लंबी कतार है. कोरोना से जंग में जरूरत न सिर्फ जांच का दायरा बढ़ाने की है, बल्कि जांच सेंटर में भी इजाफे की है.

रिपोर्ट- उपेन्द्र कुमार

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