विधानसभा चुनाव में कैसे भाग लेंगे झारखंड में रहने वाले हजारों बिहारी? फंस गया ये पेंच

बिहार में पहले चरण के विधानसभा चुनाव में 3 नवंबर को वोटिंग होनी है. (सांकेतिक तस्वीर)
बिहार में पहले चरण के विधानसभा चुनाव में 3 नवंबर को वोटिंग होनी है. (सांकेतिक तस्वीर)

बिहार चुनाव (Bihar Assembly Elections) को देखते हुए प्रवासी बिहारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को पत्र लिखकर ट्रेन और बस सेवा शुरू कराने की मांग की है. कोरोना (Corona) के चलते झारखंड और बिहार के बीच ये दोनों सेवाएं बंद हैं.

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रांची. ट्रेन और बस सेवा नहीं शुरू होने से झारखंड में रहने वाले प्रवासी बिहारी बेहद परेशान हैं. त्योहार के अलावा बिहार में चुनाव (Bihar Assembly Elections) भी है. ऐसे में उन्हें मतदान में भी शामिल होना है. लेकिन घर जाएंगे कैसे? लिहाजा बिहारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को पत्र लिखकर ट्रेन सेवा शुरू कराने की गुहार लगाई है.

कोरोना के कारण बंद रेल सेवा को धीरे-धीरे पटरी पर लाने की कोशिश हो रही है. कुछ स्पेशल ट्रेनें शुरू भी हुई हैं. मगर अन्य राज्यों की तुलना में झारखंड में ट्रेन सेवा अभी भी न के बराबर ही शुरू हुई है. कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्य सरकार ट्रेन चलाने पर सहमति दे देगी, मगर ऐसा हुआ नहीं. ऐसे में त्योहार के साथ-साथ बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान में हिस्सा लेने की चाहत रखने वाले बिहारी निराशा हैं. बिहार चुनाव को देखते हुए प्रवासी मैथिलों की संस्था विद्यापति स्मारक समिति ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर ट्रेन और बस सेवा शुरू कराने की मांग की है.

पड़ोसी राज्य होने के कारण झारखंड में बड़ी संख्या में बिहार के लोग रहते हैं. इनकी नाराजगी तब और बढ़ गई जब 15 अक्टूबर से रांची- हावड़ा शताब्दी ट्रेन चलाने की घोषणा हुई. मगर बिहार के लिए झारखंड से एक भी गाड़ी अभी तक नहीं चली है.



सरकार ट्रेन चलाने पर कर रही विचार
लोगों की बढ़ती नाराजगी और कोरोना संक्रमण की धीमी रफ्तार को देखते हुए हालांकि राज्य सरकार ट्रेन चलाने को लेकर विचार कर रही है. मंत्री आलमगीर आलम की माने तो जल्द ही सरकार इसपर निर्णय लेगी. वहीं रांंची रेलमंडल राज्य सरकार की सहमति की प्रतिक्षा में है.

रांंची रेलमंडल से बिहार एवं अन्य राज्यों में 53 ट्रेनों का परिचालन होता है. इसमें डेढ दर्जन से अधिक गाड़ियों को तीन फेज में चलाने की सहमति राज्य सरकार से मांगी गई है. मगर सरकार की सहमति अभी तक नहीं मिलने के कारण बिहार जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
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