तमाड़ में नये रूप में सुलगने लगी पत्थलगड़ी की चिंगारी, सौ परिवारों ने लौटाये आधार और वोटर कार्ड
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तमाड़ में नये रूप में सुलगने लगी पत्थलगड़ी की चिंगारी, सौ परिवारों ने लौटाये आधार और वोटर कार्ड
तमाड़ प्रखंड के पारासी पंचायत के सैकड़ों परिवारों ने अपना आधार और वोटर कार्ड वापस कर दिया है.

गुजरात से प्रशिक्षण लेकर लौटे एसी भारत सरकार कुटुंब परिवार संघ के नेता बैद्यनाथ मुंडा ने कहा कि हम आदिवासी लोग नन ज्युडिशियल लोग हैं. इसलिए हमें आधार कार्ड और वोटर कार्ड जैसे ज्युडिशियल कागजातों की जरूरत नहीं है. हमलोग इसे स्पीड पोस्ट के जरिये राज्यपाल को लौटा रहे हैं.

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रांची. तमाड़ में एकबार फिर पत्थलगड़ी (Pathalgadi) की चिंगारी सुलगने लगी है. हालांकि इसका रूप बदला हुआ है. पत्थलगड़ी समर्थक (Pathalgadi Supporters) अब 'भारत सरकार कुटुंब परिवार संघ' के तहत आध्यात्मिक आरती सभा का आयोजन कर लोगों को सरकार के खिलाफ उकसा रहे हैं. उनके कहने पर करीब सौ परिवारों ने अपना आधार कार्ड (Aadhar Card), वोटर कार्ड (Voter Card) और राशन कार्ड जमा करा दिया है.

गुजरात के कुंवर केशरी ने दिया प्रशिक्षण

तमाड़ प्रखंड के पारासी पंचायत के बंदासरना, लुंगटू, मानकीडीह और बिरडीह गांव के करीब सौ परिवार ने अपना आधार कार्ड, वोटर कार्ड और राशन कार्ड वापस कर दिया. जानकारी के मुताबिक इन गांववालों को गुजरात के कुंवर केशरी ने प्रशिक्षण दिया है. वह पहले भी पत्थलगड़ी आंदोलन के लिए खूंटी, सरायकेला और चाईबासा के लोगों को प्रशिक्षण दिया था. हालांकि अब पत्थलगड़ी का स्वरूप बदलकर 'एसी भारत सरकार कुटुंब परिवार संघ' के तहत लोगों को सरकारी कागजातों को लौटाने के लिए उकसाया जा रहा है.



गुजरात से प्रशिक्षण लेकर लौटे एसी भारत सरकार कुटुंब परिवार संघ के नेता बैद्यनाथ मुंडा ने कहा कि हम आदिवासी लोग नन ज्युडिशियल लोग हैं. इसलिए हमें आधार कार्ड और वोटर कार्ड जैसे ज्युडिशियल कागजातों की जरूरत नहीं है. हमलोग इसे स्पीड पोस्ट के जरिये राज्यपाल को लौटा रहे हैं.



गांववालों को समझाते प्रशासनिक पदाधिकारी
गांववालों को समझाते प्रशासनिक पदाधिकारी


जानकारी के मुताबिक अबतक पारासी पंचायत के दर्जनों आदिवासी युवा गुजरात से प्रशिक्षण लेकर गांव लौट चुके हैं. और यहां गांव-गांव जाकर अपने संघ का प्रचार-प्रसार कर रहें हैं. इनका कहना है कि भारत के मालिक आदिवासी हैं और आदिवासियों को पहचान की जरूरत नहीं होती है. जो मालिक होते हैं, वो दूसरों को पहचान पत्र जारी करते हैं.

प्रशासन ने धारा 144 लगाकर आरती के आयोजन को रोका 

हालांकि इस बात की भनक लगते ही जिला प्रशासन सतर्क हो गया है. अधिकारी इन गावों का दौरा कर सरकार के कामकाज के बारे में जानकारी दे रहे हैं. ग्रामीणों को सरकार के साथ चलने की सलाह दे रहे हैं. गुरुवार को प्रशासन ने परासी में संघ की ओर से आयोजित आरती कार्यक्रम को विफल कर दिया. इसके लिए प्रशासन ने क्षेत्र में धारा 144 लगा दिया. पुलिस ने संघ समर्थकों को हिरासत में ले लिया. सभी को 5 घंटे तक पुलिस के पहरे में रखा गया.

इनपुट- अरविंद कुमार

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