झारखंड में अब प्राइवेट सेक्टर के हाथों में शराब की आपूर्ति, करोड़ों के नुकसान के बाद यह फैसला

ऐसा माना जा रहा है कि कॉरपोरेशन अब अधिक शराब बेचने में रुचि नहीं ले रहा है. (सांकेतिक फोटो)

ऐसा माना जा रहा है कि कॉरपोरेशन अब अधिक शराब बेचने में रुचि नहीं ले रहा है. (सांकेतिक फोटो)

उत्पाद विभाग ने यह प्रस्ताव पिछले सात वर्षों में शराब (Alcohol) की बिक्री में न के बराब हुई वृद्धि को लेकर तैयार किया है.

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रांची. झारखंड सरकार (Jharkhand Government) ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब शराब की थोक बिक्री में झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (Jharkhand State Beverages Corporation Limited) के एकाधिपत्य का समाप्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी है. कहा जा रहा है कि अब प्राइवेट सेक्टर के माध्यम से झारखंड में शराब की बिक्री होगी. उत्पाद विभाग ने यह प्रस्ताव पिछले सात वर्षों में शराब (Alcohol) की बिक्री में न के बराबर हुई वृद्धि को लेकर तैयार किया है. जानकारी के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में शराब की बिक्री दर में वृद्धि 10 से 20 फीसदी दर्ज की गई थी. वहीं, पिछले सात वर्षो में यह वृद्धि दर एक फीसदी या इससे भी कम रह गया. यही वजह है कि राज्य सरकार ने प्राइवेट सेक्टर के माध्य से झारखंड में शराब की बिक्री कराने की योजना बनाई है.

जानकारी के मुताबिक, शराब के साथ- साथ बियर की बिक्री में काफी गिरवाट देखी गई है. एक आंकड़े के अनुसार, साल 2009 और 2010 में बियर की बिक्री दर जहां 20.1 फीसदी थी वहीं, 2013-14 में यह घटकर 6.1 फीसदी पर आ गया. दरअसल, शराब की हर बोतल पर सरकार को सालों में अलग- अलग राजस्व की प्राप्ति होती रही है. ऐसा माना जा रहा है कि कॉरपोरेशन अब अधिक शराब बेचने में रुचि नहीं ले रहा है.

शराब की अवैध बिक्री भी खूब हो रही है

वहीं, कॉरपोरेशन कर्मियों को बिक्री बढ़ने और घटने से उनके मानदेय पर कोई असर नहीं पड़ता है. यीह वजह है कि कॉरपोरेशन के कर्मचारी शराब की बिक्री के लिए कोई कोशिश नहीं कर रहे हैं. वहीं, कहा जा रहा है कि विधि और वित्त विभाग की सहमति के बाद अब कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा. माना जा रहा है कि कॉरपोरेशन शराब बेचने में अधिक रुचि नहीं ले रहा है. साथ ही शराब की अवैध बिक्री भी खूब हो रही है.

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