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...तो इसलिए झारखंड में चमगादड़ों पर रिसर्च की है जरूरत

झारखंड में कई प्रजातियों के चमगादड़ पाये जाते हैं. कुछ लोग इसे खाते भी है.
झारखंड में कई प्रजातियों के चमगादड़ पाये जाते हैं. कुछ लोग इसे खाते भी है.

रांची विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और पर्यावरणविद डॉ नीतीश प्रियदर्शी की माने तो झारखण्ड में रिसर्च (Research) और सावधानी की जरूरत इसलिए भी है, क्योंकि राज्य के कई इलाकों में लोग चमगादड़ (Bat) खाते भी हैं.

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रांची. कोरोना (Corona) के आतंक ने पूरी दुनिया को भयभीत कर रखा है. कोरोना को लेकर एक बात यह कही जा रही है कि चमगादड़ (Bat) से यह वायरस इंसान तक पहुंचा. और अब पूरी दुनिया के लिए खतरा बन गया है. आईसीएमआर (ICMR) के एक शोध में भी भारत के चार राज्यों में चमगादड़ों में बैट कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि हुई है. लिहाजा झारखंड में मिलने वाली कई प्रजाति के चमगादड़ों पर रिसर्च की मांग उठने लगी है.

 झारखंड में कई प्रजातियों के चमगादड़ पाये जाते हैं

वर्तमान में कोरोना के साथ-साथ चमगादड़ भी चर्चा में है. कई मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि चीन के वुहान में चमगादड़ से ही नोवल कोरोना वायरस की पहुंच इंसान तक हुई. इन दावों के बीच आईसीएमआर की एक रिपोर्ट में भारत के कई राज्यों में चमगादड़ की दो प्रजातियों में बैट कोरोना वायरस मिलने की बात सामने आई है. इस रिपोर्ट को देखते हुए झारखंड के पशु-पक्षी वैज्ञानिक डॉ अजय कुमार ने राज्य में पाए जाने वाले कई प्रजातियों के चमगादड़ पर रिसर्च और सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर के रिसर्च में चार राज्यों में चमगादड़ की रॉइटिस और टेपोर्स प्रजाति में बैट कोरोना वायरस मिले हैं.



चमगादड़ वायरस के नेचुरल रिसोर्स- पर्यावरणविद्
रांची विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और पर्यावरणविद डॉ नीतीश प्रियदर्शी की माने तो झारखण्ड में रिसर्च और सावधानी की जरूरत इसलिए भी है, क्योंकि राज्य के कई इलाकों में लोग चमगादड़ खाते भी हैं. उन्होंने चमगादड़ को वायरस का नेचुरल रिसोर्स बताते हुए कहा कि इस पर झारखण्ड में भी रिसर्च होना चाहिए, जैसा कि नागालैंड के मिनी गांव में हो रहा है.

डॉ प्रियदर्शी के मुताबिक, फिलहाल लोगों को चमगादड़ों से दूरी बनाने के साथ-साथ उसे खाने से परहेज करना चाहिए. चमगादड़ों पर शोध का यह उचित समय है. देश में चमगादड़ों और वायरस पर होने वाले शोधों में झारखंड को भी शामिल किया जाना चाहिए.

रिपोर्ट- उपेन्द्र कुमार

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