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दारोगा रूपा तिर्की खुदकुशी मामले में परिजनों को हाईकोर्ट पर भरोसा, CBI रिपोर्ट का इंतजार

दारोगा रूपा तिर्की खुदकुशी मामले में परिजनों को हाईकोर्ट पर भरोसा, CBI रिपोर्ट का इंतजार

रूपा तिर्की के गमजदा परिजन कर रहे सीबीआई की रिपोर्ट का इंतजार.

रूपा तिर्की के गमजदा परिजन कर रहे सीबीआई की रिपोर्ट का इंतजार.

Waiting CBI Report : साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की खुदकुशी मामले में न्यायिक जांच टीम ने भले अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. लेकिन इस रिपोर्ट को लेकर रूपा तिर्की के परिजन उदासीन हैं. परिजनों को राज्य सरकार की किसी भी जांच टीम और रिपोर्ट पर भरोसा नहीं है. उन्हें इंतजार है तो सीबीआई जांच से निकलने वाले उस सच का, जिसके इंतजार में परिवार आज भी सिसक रहा है.

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रांची. शनिवार की शाम रूपा तिर्की मामले में गठित जुडिशल इंक्वायरी टीम ने अपनी रिपोर्ट दिल्ली में जैसे ही राज्य सरकार को सौंपी, इस मामले को लेकर एक बार फिर चर्चा का दौर शुरू हो गया. रांची में रहने वाले रूपा तिर्की के परिजनों ने इस रिपोर्ट को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई, जबकि इस रिपोर्ट में उनकी बेटी की मौत का खुलासा भी छिपा हो सकता है. बता दें कि साहिबगंज महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की ने अपने सरकारी आवास में पिछले साल 3 मई को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी.

न्यूज18 से बातचीत में रूपा तिर्की के पिता देवानंद उरांव ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से गठित जांच टीम की ओर से उपस्थित होने को लेकर उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला था.‌ उन्होंने बताया कि उन्हें सीबीआई जांच पर भरोसा है और उसी की रिपोर्ट का इंतजार भी. वहीं दूसरी तरफ रूपा तिर्की की मां यह बताते हुए रो पड़ती हैं कि अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिला है.

रूपा तिर्की की मां पद्मावती उराइन ने बताया कि अभी तक बेटी की मौत मामले में परिवार को इंसाफ नहीं मिला है. बता दें कि 1 दिसंबर 2021 को रांची के SC-ST कोर्ट ने एससी-एसटी थाने को आदेश दिया था कि वह रूपा तिर्की मामले में आरोपी पंकज मिश्रा और प्रमोद मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करे.‌ लेकिन इस मामले में आज तक रांची कोई भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है. इस मुद्दे पर रूपा की मां पद्मावती ने झारखंड हाईकोर्ट में एक क्रिमिनल रिट भी दाखिल की है. रूपा के परिजन कहते हैं कि राज्य के मुख्यमंत्री खुद आदिवासी हैं, बावजूद इसके वे एक आदिवासी बेटी का दर्द समझ नहीं पाए. इस पूरे मामले में रूपा तिर्की की छोटी बहन निर्मला खौफ के साथ बताती हैं कि जब एक महिला थाना प्रभारी के साथ इस तरह की घटना घट सकती है, तो राज्य की दूसरी बेटियों के साथ क्या होगा. रूपा तिर्की की बड़ी मां शशि टोप्पो ने कहा कि रांची SC-ST थाना पूरी तरह दबाव में काम कर रहा है.

बहरहाल, रूपा तिर्की के परिजनों को आज भी इंसाफ का इंतजार है. राज्य सरकार की जुडिशल इंक्वायरी की रिपोर्ट में क्या कुछ सच दफन है, इसको लेकर परिवार के किसी सदस्य में जानने की कोई ललक नजर नहीं आती. उन्हें उम्मीद और इंतजार है तो झारखंड हाईकोर्ट से और सीबीआई के खुलासे से.

Tags: Jharkhand High Court, Sahibganj, Suicide Case

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