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International Women's Day के दिन रांची विधानसभा के बाहर में पोषण सखियों और पुलिस में झड़प

23 फरवरी से विधानसभा के बाहर बैठी महिलाओं को अतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन पुलिसकर्मियों ने खदेड़ दिया.

23 फरवरी से विधानसभा के बाहर बैठी महिलाओं को अतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन पुलिसकर्मियों ने खदेड़ दिया.

Outstanding Honorarium: 11 महीने के अपने बकाया मानदेय और स्थायीकरण की मांग के साथ पोषण सखियां 23 फरवरी से ही विधानसभा के बाहर भूख हड़ताल पर बैठी थीं. जब महिला पुलिसकर्मियों ने पोषण सखियों को विधानसभा के पास से हटाने की कोशिश की तो दोनों ओर से धक्का-मुक्की होने लगी. महिला पुलिसकर्मियों ने कई पोषण सखियों को हिरासत में ले लिया. हालांकि बाद में इन पोषण सखियों को छोड़ भी दिया गया.

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रांची. रांची विधानसभा के बाहर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन उस समय एक अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब रांची पुलिस की ओर से पहुंची महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया. प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं पोषण सखिया थीं. बता दें कि 11 महीने के अपने बकाया मानदेय और स्थायीकरण की मांग के साथ पोषण सखियां 23 फरवरी से ही विधानसभा के बाहर भूख हड़ताल पर बैठी थीं.

जिला प्रशासन ने भूख हड़ताल और प्रदर्शन कर रहीं इन पोषण सखियों पर कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का ही दिन चुना. जब महिला पुलिसकर्मियों ने पोषण सखियों को विधानसभा के पास से हटाने की कोशिश की तो दोनों ओर से धक्का-मुक्की होने लगी. पोषण सखियां बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ना चाहती थीं जबकि रांची की महिला पुलिसकर्मी हर हाल में उन्हें वहां से हटाना चाहती थीं. दोनों ओर से काफी धक्का-मुक्की हुई. महिला पुलिसकर्मियों ने कई पोषण सखियों को हिरासत में ले लिया. हालांकि बाद में इन पोषण सखियों को छोड़ भी दिया गया.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने की निंदा

दरअसल, ये पोषण सखियां एकीकृत पोषण सखी संघ के बैनर तले 23 फरवरी से रांची में प्रदेश अध्यक्ष सोनी पासवान की अध्यक्षता में विधानसभा के बाहर भूख हड़ताल कर रही थीं. महिला दिवस के दिन पोषण सखियों पर हेमंत सरकार के पुलिस प्रशासन द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने व हिरासत में लिए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने जोरदार हमला बोला है. उन्होंने अपने निजी ट्विटर हैंडल पर लिखा ‘अपनी जीविका के लिए आंदोलनरत पोषण सखियों को प्रताड़ित कर उन्हें हिरासत में लेना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. आज महिला दिवस पर जहां एक ओर पूरा विश्व नारी शक्ति को सम्मान दे रहा है और उनके अधिकार व उत्थान की बात कर रहा है वहीं झारखण्ड की @HemantSorenJMM सरकार महिलाओं का अपमान कर रही है.’

BJP State President and MP Deepak Prakash

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकास के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

बकाया भुगतान का आश्वासन

विधानसभा में भाकपा-माले के विनोद कुमार सिंह के एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार की ओर से उत्तर देते हुए जोबा मांझी ने बताया कि राज्य में अतिरिक्त आंगनबाड़ी सेविका सह पोषण परामर्शी (पोषण सखी) की नियुक्ति छह जिलों में की गई थी. भारत सरकार के निर्देश के आलोक में इन कर्मियों को 3000 रुपए प्रति माह मानदेय भुगतान किया जाता था. मानदेय भुगतान के लिए 75 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करती थी. लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने इस योजना को बंद कर दिया. इस बीच पोषण सखियों के 11 महीने का मानदेय बकाया हो गया. इस सत्र में सरकार की ओर से तृतीय अनुपूरक बजट में पोषण सखियों के बकाया भुगतान के लिए 38 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. जल्द ही बकाया भुगतान कर दिया जाएगा.

Tags: International Women's Day, Jharkhand Assembly Profile, Jharkhand Police

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