CM हेमंत सोरेन का बड़ा बयान- झारखंड में सभी युवाओं को नौकरी देना संभव नहीं

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद को एकलव्य का वंशज बताया.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद को एकलव्य का वंशज बताया.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- सरकार राज्य में बेरोजगारी दूर करने के लिए युवाओं को 50 हजार से 25 लाख रुपए तक स्वरोजगार के लिए ऋण देने की कर रही है तैयारी.

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रांची. झारखंड में निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय युवाओं को 75 फीसदी नौकरी देने के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक और बड़ा बयान दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि झारखंड के सभी युवाओं को नौकरी देना संभव नहीं है. सरकार इन बेरोजगार युवाओं को स्वाबलंबी बनाने की दिशा में काम कर रही है. सीएम ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए सरकार सस्ती दरों पर ऋण मुहैया कराने की योजना पर काम कर रही है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रोजगार के मामले पर केंद्र सरकार के ऊपर हमला करते हुए किसान आंदोलन पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने खुद को एकलव्य का वंशज भी बताया. सीएम ने कहा कि महाभारत और रामायण में भी हम रहे, लेकिन वहां भी उपेक्षित रहे. केंद्र सरकार पर हमला करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मोहन शक्ति लेकर बाहर आते हैं. कहते हैं कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेंगे, लेकिन हम उनकी चतुराई को पहचानते हैं, अब तो केंद्र में बैठे लोग किसानों को भी लाल आंख दिखाते हैं.

झारखंड का इतिहास विचित्र और रोमांचक

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि मैं कहां से शुरू करूं, एक तरफ विपक्षी साथियों की बात है तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के साथियों की बात है. उम्मीद है कि भाजपा के लोग मेरी बात सुनेंगे. झारखंड का इतिहास विचित्र और रोमांचक है. झारखंड का आंदोलन यहां के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और आवास के लिए था. राज्य बनने के बाद से लेकर अब तक सभी सरकारों ने राज्य को दिशा देने का काम किया. ऐसा नहीं कि हम लोग आगे नहीं बढ़े, सबने प्रयास किया, लेकिन देश के विकास के सूचकांक को देखें तो राष्ट्रीय औसत से हम बहुत पीछे हैं. इसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे तो 14-15 साल और लग जाएंगे, तब देश का सूचकांक क्या होगा अंदाजा लगा सकते हैं.
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, लेकिन उनकी सरकार युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए 50 हजार से लेकर 25 लाख तक का ऋण देने की तैयारी में है. 2014-15 में आर्थिक विकास दर 12.5 प्रतिशत था, जो 2015 से 19 के बीच 5.7 प्रतिशत पर आ गया. 2014 में सरकार छोड़ते वक्त प्रति व्यक्ति ऋण 12 हजार था, जो 2019 में 24 हजार हो गया.
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