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झारखंड में JDU की इंट्री से NDA में बढ़ेगी बेचैनी, जानिए क्यों?


बिहार में NDA गठबंधन से अलग हुई जदयू ने देशभर में अपने संगठन विस्तार और मजबूती की कवायद तेज कर दी है. (Photo: News 18)

बिहार में NDA गठबंधन से अलग हुई जदयू ने देशभर में अपने संगठन विस्तार और मजबूती की कवायद तेज कर दी है. (Photo: News 18)

Jharkhand News: जदयू ने खुद को अगले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य स्तरीय पार्टी का तमगा चुनाव आयोग से हासिल करने का संकल् ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

जदयू ने खुद को अगले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य स्तरीय पार्टी का तमगा चुनाव आयोग से हासिल करने का संकल्प लिया है.
ललन सिंह के झारखंड दौरा के दौरान गौतम सागर राणा की पार्टी झारखंड जनता दल के जदयू में विलय से मजबूती जरूर मिलेगी

बिहार में NDA गठबंधन से अलग हुई जदयू ने देशभर में अपने संगठन विस्तार और मजबूती की कवायद तेज कर दी है. बिहार से 22 साल पहले अलग हुए झारखंड के राजनीतिक पिच पर संसदीय राजनीति का रन बंटोरने जदयू उतर चुकी है. एक समय था जब झारखंड में जदयू के आधा दर्जन विधायक हुआ करते थे, लेकिन पिछले दो चुनाव से जदयू का खाता भी नहीं खुल पा रहा है. रांची में जदयू के राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए जो टास्क तय किया, वो भविष्य की ओर इशारा करता है.

सदस्यता अभियान में नया रिकॉर्ड कायम करने से लेकर अपने गौरवशाली राजनीतिक इतिहास को वापस लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जदयू ने खुद को अगले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य स्तरीय पार्टी का तमगा चुनाव आयोग से हासिल करने का संकल्प लिया है. वैसे तो ये इतना आसान नहीं है. शायद इसलिए राज्य की 81 में से 10 से 15 सीट जीतने की रणनीति पर काम करने को कहा गया है. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह इन दिनों केन्‍द्र सरकार पर ज्यादा हमलावर है. रांची में भी उनके निशाने पर केन्‍द्र सरकार रही है.

ललन सिंह ने कहा कि केन्‍द्र सरकार समस्याओं से जूझने के बजाय उससे भाग रही है. महंगाई और बेरोजगारी के सवाल पर चर्चा तक नहीं हो रही है. हर साल 2 करोड़ के हिसाब से 16 करोड़ को रोजगार का दावा करने वाली केन्‍द्र सरकार की हकीकत ये है कि 16 लाख युवाओं को भी रोजगार नहीं दे पाई है. आज की स्थिति ये है कि महंगाई का ग्राफ 70 साल बनाम वर्तमान महंगाई तक पहुंच गया है. उज्ज्वला योजना की हकीकत ये है कि उसे लेने वालों के पास स‍िलेंडर भराने के लिये 14 सौ रुपये नहीं है. आज सिर्फ धार्मिक उन्माद भड़काने और सामाजिक सदभाव को तोड़ने की कोशिश हो रही है. अगर उन्हें मंदिर बनाना है तो कौन रोक रहा है जरूर बनाए, पर महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे का भी हल हो.

उन्‍होंने कहा क‍ि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं है. वो राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को एक जुट करने में लगे है.बहुमत का आंकड़ा और उससे नीचे आने में सिर्फ 31 सीट का अंतर है. 272 से 303 को समझने की जरूरत है. ललन सिंह के झारखंड दौरा के दौरान गौतम सागर राणा की पार्टी झारखंड जनता दल के जदयू में विलय से मजबूती जरूर मिलेगी, लेकिन इससे भी ज्यादा ये कि जदयू की एंट्री से बीजेपी और आजसू की परेशानी बढ़ेगी. ऐसा इसलिए कि इन तीनों दलों के सामाजिक धुर्वीकरण और वोट बैंक के आधार मेल खाते है. मतलब साफ है कि बेचैनी झारखंड के NDA में ही बढ़ेगी.

Tags: Jdu, Jharkhand news, NDA

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