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Jharkhand News: कर्ज माफी के नाम पर कांग्रेस ने किसानों को दिया धोखा! दावे के उलट है हकीकत

आलम कुछ ऐसा है कि अब कृषि विभाग ने 1 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने की तैयारी भी पूरी कर ली है. (फाइल फोटो)
आलम कुछ ऐसा है कि अब कृषि विभाग ने 1 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने की तैयारी भी पूरी कर ली है. (फाइल फोटो)

झारखंड विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस (Congress) ने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों का 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ करने का वादा किया था. सरकार बनने पर यह 50 हजार रुपये तक पहुंच गया. इसके बावजूद किसानों को अब तक राहत नहीं दी गई है.

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रांची. देश की राजनीति में इन दिनों किसानों का मुद्दा छाया हुआ है. कांग्रेस (Congress) सहित तमाम विपक्षी दल खुद को किसानों का सच्चा हमदर्द बताने में जुटे हैं. ऐसे में झारखंड के किसानों को ऋण माफी के नाम पर राजनीति और धोखा ही नसीब हुआ है. राज्य में किसानों को 50 हजार रुपये तक की ऋण माफी (Farm Loan waiver) का ढोल पीटने वाली कांग्रेस समर्थित हेमंत सोरेन सरकार की पोल खुल गई है. किसानों का कर्ज माफ करने का दावा करने वाली कांग्रेस समर्थित सरकार की हकीकत यह है कि अब तक वित्त विभाग से राशि का आवंटन तक नहीं हो पाया है. मतलब मार्च 2021 तक ऋण माफी के मद में 2 हजार करोड़ की राशि खर्च करने का दावा करने वाले प्रदेश के कृषि विभाग के पास चवन्‍नी तक नहीं है. आलम कुछ ऐसा है कि अब कृषि विभाग ने 1 हजार करोड़ रुपये सरेंडर करने की तैयारी भी पूरी कर ली है.

झारखंड विधानसभा चुनाव के वक्त कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों के लिये 2 लाख रुपये तक की ऋण माफी का वादा किया था. झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से बनी हेमंत सोरेन की सरकार के गठन के साथ ही कर्ज माफी की मांग उठने लगी. हेमंत सरकार के पहली सालगिरह पर राज्य के किसानों को ऋण माफी का तोहफा दिया गया. मगर 2 लाख के बजाय मात्र 50 हजार रुपये तक का कर्ज ही माफ करने की योजना है. इसके तहत पहले चरण में 2 हजार करोड़ रुपये की घोषणा की गई. हर परिवार से एक किसान का कर्ज माफ करने का प्रावधान बनाया गया.

ऋण माफी की राह में बैंक बने रोड़ा 
किसानों को दी जाने वाली ऋण माफी के लिये राज्य के तीन बैंकों की भूमिका सबसे अहम थी. SBI, BOI और ग्रामीण बैंक इस योजना में शामिल थे. स्‍टेट बैंक के जिम्मे 16 प्रतिशत, BOI के जिम्मे 32 प्रतिशत और ग्रामीण बैंक के जिम्मे 35 प्रतिशत किसानों का डेटा ऋण माफी के लिये अपडेट करना था. दिसंबर तक बैंक इस मामले में पूरी तरह से सुस्त रही. हैरान करने वाली बात यह है कि अब तक मात्र 25 हजार EKYC हो पाया है.
दावा कुछ और हकीकत कुछ और


झारखंड में किसानों को ऋण माफी की हकीकत हैरान करने वाली है. साढ़े 6 लाख किसानों को ऋण माफी का तोहफा देने का दावा कर रहे कृषि विभाग के पास इस मद में अब तक चवन्‍नी भी नहीं पहुंची है. कृषि विभाग को वित्त विभाग से पैसा मिलने का इंतजार है. राशि उपलब्ध होने के बाद किसानों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है.

ऋण माफी के मद का 1 हजार करोड़ सरेंडर करने की तैयारी
किसानों की ऋण माफी योजना में हो रही देरी के मद्देनजर अब कृषि विभाग ने 2 हजार करोड़ में से 1 हजार करोड़ की राशि सरेंडर करने की योजना बनाई है. यह निर्णय वित्तीय वर्ष की समाप्ति को ध्यान में रख कर लिया गया है. झारखंड में ऋण माफी का यह हाल तब है, जब कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव दोनों कांग्रेस कोटे के मंत्री हैं और कांग्रेस किसानों के हित को लेकर देशभर में मुखर है.
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