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झारखंड: शाम की सैर पर निकले 2 जजों ने पेश की मानवता, घायल युवक को पहुंचाया अस्पताल

झारखंड: शाम की सैर पर निकले 2 जजों ने पेश की मानवता, घायल युवक को पहुंचाया अस्पताल

घटना के बारे में न्यायाधीश मनोरंजन कुमार ने बताया कि जिस तरह से वह व्यक्ति घायल पड़ा था और आसपास के तथा वहां से गुजरने वाले लोग तमाशबीन बने हुए थे. (सांकेतिक तस्वीर)

घटना के बारे में न्यायाधीश मनोरंजन कुमार ने बताया कि जिस तरह से वह व्यक्ति घायल पड़ा था और आसपास के तथा वहां से गुजरने वाले लोग तमाशबीन बने हुए थे. (सांकेतिक तस्वीर)

वरिष्ठ सिविल जज मनोरंजन कुमार (Senior Civil Judge Manoranjan Kumar) एवं रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी तारकेश्वर दास शाम की सैर पर निकले थे. उन्होंने बताया कि इसी दौरान उनकी नजर मोड़ पर मोटरसाइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सूरज कुमार पर पड़ी, जो अचेत था.

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    साहिबगंज. झारखंड के साहिबगंज जिले (Sahibganj District) में शुक्रवार को शाम की सैर पर निकले दो न्यायाधीशों (Two Judges) ने सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मोटरसाइकिल सवार को घटना स्थल से निकाल कर ई-रिक्शा की मदद से अस्पताल पहुंचाया, और समय से उसका उपचार कराकर उसकी जान बचायी. स्थानीय लोगों ने बताया कि साहिबगंज के उपायुक्त कार्यालय के निकट शुक्रवार की देर शाम जिले के दो न्यायाधीश- जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह वरिष्ठ सिविल जज मनोरंजन कुमार (Senior Civil Judge Manoranjan Kumar) एवं रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी तारकेश्वर दास शाम की सैर पर निकले थे. उन्होंने बताया कि इसी दौरान उनकी नजर मोड़ पर मोटरसाइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल सूरज कुमार पर पड़ी, जो अचेत था. उन्होंने बताया कि न्यायाधीशों ने बिना समय गंवाये गड्ढे में उतर कर वहां पड़े सूरज को स्वयं बाहर निकाला और पास में मौजूद एक ई-रिक्शा पर उसे लिटाकर सदर अस्पताल ले गये, जहां रुक कर उन्होंने उसका उपचार शुरू करवाया, जिससे उसकी जान बच गयी.

    घटना के बारे में न्यायाधीश मनोरंजन कुमार ने बताया कि जिस तरह से वह व्यक्ति घायल पड़ा था और आसपास के तथा वहां से गुजरने वाले लोग तमाशबीन बने हुए थे, उसकी मौत लगभग तय थी. उस समय मैने अपने साथी न्यायाधीश तारकेश्वर दास के साथ मिलकर उसकी जान बचाने की कोशिश करने का फैसला किया. उन्होंने बताया, ‘‘खून से लथपथ गंभीर रूप से घायल को अस्पताल पहुंचाने और इलाज प्रारंभ करा देने से कुछ देर में ही उसे होश आ गया और उसकी जान बच गयी जिससे बहुत संतोष हुआ.’’ उन्होंने बताया कि सूरज को स्थानीय सदर अस्पताल में इलाज के लिए भरती करवाने के बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त और सिविल सर्जन को दी.

    अब सीबीआई मामले की जांच कर रही है
    बता दें कि पिछले महीने धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद को ऑटो ने टक्कर मार दी थी. इससे उनकी मौकेपर ही मौत हो गई थी. वे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. हालांकि, टक्‍कर मारकर उनकी मौत की वजह बने ऑटो को गिरिडीह से बरामद कर लिया गया था. पुलिस ने इस मामले में ऑटो ड्राइवर सहित दो को गिरफ्तार कर लिया था. वहीं, अब सीबीआई मामले की जांच कर रही है.

    Tags: Accident, Jharkhand news, Judges, Ranchi news

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