झारखंड अब ऑक्सीजन सिलेंडरों की खरीदी पर केंद्र से भिड़ा, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन.

Jharkhand News : वैक्सीन के डोज़ वेस्टेज के मुद्दे पर केंद्र को आंकड़ों को गलत ठहरा चुका राज्य, अब विदेशों से ऑक्सीजन सिलेंडर जुटाने के मामले में उच्च न्यायालय में केंद्र के आदेश को नीतिगत तौर पर गलत ठहरा रहा है.

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रांची. झारखंड हाई कोर्ट में एक हलफ़नामा दाखिल करते हुए झारखंड सरकार ने आरोप लगाया कि कोविड-19 की तीसरी लहर की तैयारी के सिलसिले में राज्य सरकार पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर रखना चा​हती है. इन सिलेंडरों की खरीदी विदेशों से की जा सकती है, लेकिन केंद्र सरकार इस बारे में अनुमति नहीं दे रही है. इस मामले में, हाई कोर्ट ने केंद्र से जवाब तलब किया है. कोर्ट ने साफ तौर पर पूछा है कि ऑक्सीजन सिलेंडरों की खरीद पर इस तरह का प्रतिबंध केंद्र सरकार ने आखिर क्यों लगाया है.

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कहर बरपाने के बाद तीसरी लहर की तैयारी के सिलसिले में झारखंड सरकार ने जो हलफनामा कोर्ट में दिया था, उस पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. रवि रंजन और जस्टिस एसएन प्रसाद की डिविजन बेंच को सरकार ने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर जुटाने में केंद्र रोड़ा बन रहा है. इस मामले में अगली सुनवाई 17 जून को तय करते हुए कोर्ट ने केंद्र से तब तक जवाब देने को कहा.

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रांची स्थित हाई कोर्ट ने केंद्र से जवाब तलब किया.

झारखंड ने कोर्ट से क्या कहा?

कोरोना इन्फेक्शन केसों को लेकर कोर्ट में दी गई जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि उसके पास ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडरों का टोटा ज़रूर है. इसके लिए, राज्य विदेशों से ये सिलेंडर खरीदना चाहता है, लेकिन 28 मई के एक आदेश के तहत केंद्र से एक गाइडलाइन जारी करते हुए इस तरह की खरीदी पर रोक लगा दी है. झारखंड ने कहा, केंद्र यह रोक हटाएगा, तो राज्य के लिए तीसरी लहर से निपटना ज़्यादा आसान होगा.

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गौरतलब है कि इससे पहले वैक्सीन को बर्बाद करने के ​आंकड़ों को लेकर झारखंड और केंद्र के बीच तनातनी हो चुकी है. यही नहीं, वैक्सीनेशन के लिए पर्याप्त डोज़ मुहैया न कराने को लेकर भी केंद्र की आलोचना राज्य कर चुका है.

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