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झारखंड: हेमंत सरकार को अस्थिर करने के आरोप के बीच झामुमो-कांग्रेस ने कहा- सरकार स्थिर

झामुमो के महासचिव व मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार स्थिर है और इस मामले में भाजपा के रुख का पर्दाफाश हो गया है. (फाइल फोटो)

झामुमो के महासचिव व मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सरकार स्थिर है और इस मामले में भाजपा के रुख का पर्दाफाश हो गया है. (फाइल फोटो)

Jharkhand Politics: झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के खिलाफ कथित तौर पर साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद सत्ताधारी दलों ने सोमवार को दावा किया कि इस पूरे प्रकरण के भाजपा (BJP) के रुख का पर्दाफाश हो गया है.

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    रांची. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों के आरोपों के बीच सत्ताधारी दलों ने सोमवार को दावा किया कि इस पूरे प्रकरण के भाजपा (BJP) के रुख का पर्दाफाश हो गया है. दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोपों को खारिज करते हुए इस मामले में उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एसआईटी जांच की मांग की है.

    प्रदेश की 81 सदस्यीय विधानसभा में हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के नेतृत्व वाले झामुमो के 30 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 16, जेवीएमपी के तीन, राष्ट्रीय जनता दल के एक और चार निर्दलीय विधायक हैं, जबकि भाजपा के 25 सदस्य हैं. झामुमो, कांग्रेस और राजद के तीन दलीय गठबंधन ने 47 सीटें जीती हैं, जो विधानसभा में बहुमत के लिये जरूरी आंकड़े से छह ज्यादा है.

    कुछ लोग मुझे खरीदने की पेशकश कर रहे
    प्रदेश में विधानसभा के लिये 30 नवंबर 2019 से 20 दिसंबर 2019 के बीच चुनाव हुए थे. कोलेबीरा विधायक नमन बिक्सल कोनगारी ने बताया, “झारखंड सरकार को अस्थिर करने के लिये कुछ लोग मुझसे व कुछ अन्य विधायकों से संपर्क कर रहे हैं. उन्होंने मुझे 50 करोड़ रुपये और मंत्री पद की पेशकश की. मैंने इस संदर्भ में हो रही साजिश के बारे में तत्काल झारखंड के पार्टी प्रभारी आरपीएन सिंह समेत कांग्रेस पदाधिकारियों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सूचित किया.”

    सत्ताधारी विधायकों में पूर्ण एकजुटता है
    रांची पुलिस द्वारा झारखंड में झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार के खिलाफ कथित तौर पर साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद उनकी यह टिप्पणी आई है. यह पूछे जाने पर कि क्या संपर्क करने वाले भाजपा से थे, कोनगारी ने कहा कि वह पक्के तौर पर नहीं कह सकते लेकिन उनमें से कुछ ने भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबू लाल मरांडी समेत विरोधी दल के कुछ नेताओं का नाम लिया था कि वे मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदार हो सकते हैं. कोनगारी ने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है और सत्ताधारी विधायकों में पूर्ण एकजुटता है.

    विशेष जांच दल द्वारा पड़ताल कराई जानी चाहिए
    वहीं, संपर्क किये जाने पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने पूछा कि जब कथित तौर पर सरकार को गिराने का प्रयास किया जा रहा था तो उन्होंने पुलिस में प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज कराई. कोलेबीरा विधायक पर निशाना साधते हुए मरांडी ने कहा, “अपराध को छिपाना अपने आप में आपराधिक कृत्य है और जब पूरे तंत्र को इस प्रयास के बारे में पता था तो उन्हें सक्रियता से कार्रवाई करनी चाहिए थी.” उन्होंने कहा, “सत्ताधारी दल हमारे खिलाफ झूठी कहानी गढ़ रहा है. इस मामले में उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच दल द्वारा पड़ताल कराई जानी चाहिए.”

    भाजपा के रुख का पर्दाफाश हो गया है
    झामुमो के महासचिव व मुख्य प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि “सरकार स्थिर है और इस मामले में भाजपा के रुख का पर्दाफाश हो गया है. उन्होंने कहा, “सरकार को कोई खतरा नहीं है और सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे ऐसे सभी तत्वों का पर्दाफाश हो गया है.” मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में अब तक चुप्पी साध रखी है. इससे पहले शनिवार को रांची पुलिस ने बेरमो से कांग्रेस विधायक कुमार जयमंगल की शिकायत पर तीन लोगों- अभिषेक दुबे, अमित सिंह और निवारण प्रसाद महतो को इस मामले में गिरफ्तार किया था.

    बाबूलाल मरांडी ने दिया ये बयान
    इस बीच भाजपा के मरांडी ने एक ट्वीट में कहा, “बीते 22 तारीख की देर रात बोकारो के निवारण महतो को पूछताछ के लिये सिटी पुलिस थाने लाया गया था, परिवार के लोगों को इस बारे में कुछ नहीं बताया गया. ठेका मजदूर अमित सिंह पहले से ही पुलिस थाने में थाऔर तब आश्चर्यजनक रूप से दोनों की गिरफ्तारी 24 तारीख को रांची में दिखाई गई है और उन पर राजद्रोह की धारा लगाई गई.” उन्होंने कहा, “पुलिस कानून के पालन के लिये है, लेकिन जिस दिशा में पुलिस बढ़ रही है उससे झारखंड में अफरातफरी मचेगी. कल को पुलिस किसी को भी इस अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लेगी और उसे जेल में डाल देगी. यह अक्षम्य अपराध है.”

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