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पिता की मौत पर भी लक्ष्य से नहीं भटका ध्यान, झारखंड की मधुमिता ने नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में कांस्य पदक पर साधा निशाना

पिता की मौत पर भी लक्ष्य से नहीं भटका ध्यान, झारखंड की मधुमिता ने नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में कांस्य पदक पर साधा निशाना

झारखंड की तीरंदाज मधुमिता ने 4 दिन पहले ही सड़क हादसे में अपने पिता को खो दिया.

झारखंड की तीरंदाज मधुमिता ने 4 दिन पहले ही सड़क हादसे में अपने पिता को खो दिया.

National Archery Championship: 21 मार्च को रांची के सिल्ली में एक सड़क हादसे में नेशनल तीरंदाज मधुमिता के पिता की मौत हो गई थी. चार दिन बाद मधुमिता ने जम्मू में आयोजित सीनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर इसे अपने पिता को समर्पित किया.

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रांची. कहते हैं विजेता वही होता है जो विपरीत हालत में खुद को साबित करता है. मन की पीड़ा और हृदय की वेदना को दिल में दबाकर लक्ष्य पर निशाना साधना ही एक विजेता की पहचान होती है. झारखंड की राष्ट्रीय तीरंदाज मधुमिता कुमारी ने अंतर्द्वंद्व की इसी लड़ाई में एक बड़ी विजय हासिल कर खुद को तो साबित किया है साथ ही दूसरों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनी हैं.

दरअसल राष्ट्रीय तीरंदाज मधुमिता कुमारी ने 25 मार्च को जम्मू में आयोजित नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. लेकिन उनकी यह जीत भावनाओं और आंसुओं पर काबू रखकर हासिल की गई थी. 21 मार्च को रांची के सिल्ली में एक सड़क हादसे में मधुमिता के पिता की मौत हो गई थी. ‌चार दिन बाद ही मधुमिता को रेलवे की ओर से जम्मू में सीनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में भाग लेना था. उनके पिता अक्सर कहते थे कि उनका अंतिम संस्कार गंगा के किनारे किया जाए. ऐसे में आनन फानन में पूरा परिवार पटना के लिए रवाना हो गया. पिता का अंतिम संस्कार करने के बाद मधुमिता पटना से ही जम्मू पहुंची. और अगले ही दिन 25 मार्च को चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपने पिता को समर्पित किया.

इससे पहले सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे चैंपियन खिलाड़ी भी ऐसे हालत का सामना कर चुके हैं. जहां तक कंपाउंड वर्ग की तीरंदाज मधुमिता कुमारी की उपलब्धि की बात है तो उन्होंने अब तक नौ अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया है. जिसमें 18th एशियन गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल मेडल जीता था. इसके अलावा मधुमिता कुमारी ने सीनियर लेवल पर 10 मेडल जीते हैं. जिसने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल शामिल है.

नेशनल स्तर पर अबतक करीब 60 पदक जीतने वाली मधुमिता कुमारी ने 2019 में रेलवे को ज्वाइन किया था. और वर्तमान में वह मुरी में पदस्थापित हैं. मधुमिता कुमारी को झारखंड रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है.

Tags: Archery Tournament, Indian Archers, Jharkhand news

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