लाइव टीवी

अफीम की खेती के लिए मुफीद जगह बना झारखंड! इन देशों में जाती है खेप

News18 Jharkhand
Updated: January 21, 2019, 11:42 AM IST
अफीम की खेती के लिए मुफीद जगह बना झारखंड! इन देशों में जाती है खेप
अफीम की खेती को नष्ट करती पुलिस

जानकार बताते हैं कि झारखंड से नशे की खेप को बंगाल के रास्ते बांग्लादेश फिर पाकिस्तान और अन्य देशों को पहुंचाया जाता है.

  • Share this:
काला हीरा यानी कोयले के लिए देशभर में पहचान रखने वाला झारखंड अब नशे के कारोबार के लिए मुफीद जगह बन गया है. तस्कर और नक्सली साठ-गांठ की वजह से सूबे में अफीम की खेती लहलहा रही है. सुदूर पहाड़ी इलाके की बात छोड़िये, राजधानी रांची में नशे की खेती छड़ल्ले से जारी है.

दरअसल ग्रामीणों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर इनकी जमीनों पर अफीम की खेती की जाती है. रांची के नामकुम इलाके में करीब 20 एकड़ जमीन में इसकी खेती हुई थी. लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी. हाल में जब पुलिस को इसकी सूचना मिली, तो कार्रवाई कर पूरे 20 एकड़ फसल को नष्ट किया गया.

गौरतलब है कि अफीम की खेती का कनेक्शन देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेश से भी इसके तार जुड़े हुए हैं. ऊपर से तस्कर और नक्सली साठ-गांठ इसे और मजबूती देता है. बात की जाए सरकारी महकमे कि तो पुलिस और वन विभाग भी इस कारोबार में दबे-छिपे संलिप्त होते हैं.

जानकार बताते हैं कि झारखंड से नशे की खेप को बंगाल के रास्ते बांग्लादेश फिर पाकिस्तान और अन्य देशों को पहुंचाया जाता है. जहां इससे हेरोइन बनाया जाता है. जानकार ये भी बताते हैं कि टॉप क्वालिटी के अफीम से कोकीन बनता है. लेकिन झारखंड के अफीम की क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं होती, इस वजह से यहां के अफीम से कोकीन तैयार नहीं हो पाता.

अफीम के पौधे के हर हिस्से में नशे का अंश होता है. इसलिए इससे अच्छी कमाई होती है. हालांकि इसकी खेती करने वाले किसानों को कोई खास फायदा नहीं होता. हां तस्कर और ऊपर बैठे आका जरूर मालामाल होते हैं.

रिपोर्ट- ओमप्रकाश

ये भी पढ़ें- पुलिस ने नष्ट की 20 एकड़ में हो रही अफीम की खेती
Loading...

घाटशिला में ग्रामीणों को पैसे देकर कराई जा रही अवैध अफीम की खेती

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रांची से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 21, 2019, 11:41 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...