झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में फायर फाइटिंग सिस्टम बेहाल!
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झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में फायर फाइटिंग सिस्टम बेहाल!
रांची स्थित रिम्स झारखंड का सबसे बड़ा अस्पताल है.

1960 के दशक में बने रिम्स (RIMS) के पुराने बिल्डिंग में अभी तक केंद्रीयकृत अग्निशमन सिस्टम नहीं लगा है. वहीं जो भी अग्निशमन यंत्र (fire Extinguishers) हैं, वे 5-6 महीने पहले एक्सपायर हो गये हैं.

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रांची. किसी अप्रिय घटना से सबक लेकर ही उस तरह की घटना- दुर्घटना से बचा जा सकता है. लेकिन झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स (RIMS) ने शायद अहमदाबाद के अस्पताल में आग लगने की घटना से कोई सबक नहीं लिया है. इंडोर वार्ड में 1500 से ज्यादा बेड वाले इस अस्पताल में आग (Fire) बुझाने की सारी व्यवस्थाएं फेल हैं. पुरानी बिल्डिंग, नए सुपर स्पेशलिस्ट भवनों, डेंटल इंस्टीट्यूट हर जगह आपात स्थिति में आग लगने पर उसे बुझाने की कोई व्यवस्था नहीं है.

रिम्स की इस तरह की लापरवाही के चलते मरीज, उनके परिजन और यहां तक कि डॉक्टर सभी भय में रहते हैं. हजारीबाग से रिम्स अपने पिता का इलाज कराने आए शान अहमद ने न्यूज-18 से कहा कि उनके पिता दिल की बीमारी का इलाज कराने के लिए सुपर स्पेशियलिटी भवन के तीसरे तल्ले पर भर्ती हैं. पर उनको हमेशा इस बात का डर बना रहता है कि अगर शार्ट सर्किट जैसा कुछ हुआ तो फिर क्या होगा? रिम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ प्रशांत भी मानते हैं कि अस्पताल में फायर फाइटिंग की मुकम्मल व्यवस्था होनी चाहिए.

अग्निशमन यंत्र हो गया है एक्सपायर



1960 के दशक में बने रिम्स के पुराने बिल्डिंग में अभी तक केंद्रीयकृत अग्निशमन सिस्टम नहीं लगा है. और उन जगहों पर अग्निशमन यंत्र (fire  Extinguisher) लगा है. एक तो किसी भी गार्ड को आपात स्थिति में इसे चलाने का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है, वहीं सभी अग्निशमन यंत्र 5-6 महीने पहले ही expire हो गये हैं. इनको रीफिल तक नहीं कराया गया है. और तो और गार्डों को अग्निशमन यंत्र चलाने का प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है.
रिम्स में अग्निकांड से निपटने की आपात व्यवस्था में लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वार्ड और ओपीडी की बात छोड़िए अधीक्षक कार्यालय में लगा अग्निशमन यंत्र कब का एक्सपायर हो चुका है. जब न्यूज-18 ने सबसे बड़े अस्पताल की इस तरह की लापरवाही की ओर रिम्स प्रबंधन का ध्यान खींचा तो सेंट्रलाइज्ड फायर फाइटिंग सिस्टम के लिए टेंडर की दिक्कत का रोना रोया गया. वहीं एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्र (fire  Extinguisher) को रीफिल कराने की बात कही.

रिम्स के डॉ विवेक कश्यप कहते हैं कि कई बार सेंट्रलाइज्ड फायर फाइटिंग सिस्टम के लिए टेंडर मांगे गए, पर एक ही एजेंसी ने रुचि लिया. इसलिए फिर से टेंडर किया जा रहा है. एक्सपायर्ड अग्निशमन यंत्र को शीघ्र रीफिल कराने का भी भरोसा अधीक्षक ने न्यूज-18 को दिया. रिम्स में ज्यादातर बेड पर लाचार और बीमार मरीज होते हैं, जो आग लगने जैसी आपातस्थिति में खुद को बचा भी नहीं पाने की स्थिति में होते हैं. ऐसे में रिम्स प्रबंधन की लापरवाही बेहद गंभीर है.
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