बिजली बिल को लेकर केन्द्र और झारखंड सरकार में शह-मात का खेल, अब HEC को बिजली काटने की चेतावनी

एचईसी पर बिजली बिल का 110 करोड़ रुपया बकाया है.

एचईसी पर बिजली बिल का 110 करोड़ रुपया बकाया है.

Ranchi News: बिजली विभाग के अनुसार हर महीने करीब साढ़े तीन करोड़ की बिजली खपत करने वाली HEC बिजली बिल भुगतान के मामले में कभी गंभीर नहीं रही है. ऐसे में अगर बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ तो HEC की बिजली काटी जा सकती है.

  • Share this:
रांची. वित्तीय वर्ष 2020-21 समाप्ति के करीब है और ऐसे में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड अपना रेवेन्यू बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है. भारत सरकार के एक उपक्रम HEC पर बिजली विभाग का 110 करोड़ रुपये बकाया है और इस राशि को वसूलने के लिए महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी HEC की दौड़ लगा रहे है, पर वहां से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है. अब बिजली वितरण निगम ने HEC प्रबंधन को 7 दिनों में बकाए बिजली बिल भुगतान का नोटिस दिया है.

बिजली विभाग के अनुसार हर महीने करीब साढ़े तीन करोड़ की बिजली खपत करने वाला HEC बिजली बिल भुगतान के मामले में कभी गंभीर नहीं रहा है. ऐसे में अगर बिजली बिल भुगतान नहीं हुआ तो HEC की बिजली भी काटी जा सकती है.

News- 18 ने बिजली बिल के बकाए और 7 दिन में बिजली बिल जमा नहीं करने पर HEC की बिजली काटे जाने की बिजली वितरण निगम लिमिटेड की चेतावनी को लेकर HEC के जनसम्पर्क अधिकारी को कई बार फोन लगाया, पर उन्होंने फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझा.

केन्द्रीय एजेंसी डीवीसी जिस तरह बकाया बिजली भुगतान के लिए झारखंड सरकार और बिजली बोर्ड पर दवाब बनाती है, ठीक उसी अंदाज में अब झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम केन्द्र की ईकाई एचईसी पर बकाया भुगतान के लिए दवाब बना रही है.
बिजली वितरण निगम लिमिटेड के रांची महाप्रबन्धक पीके श्रीवास्तव ने बिजली भुगतान के लिए HEC प्रबंधन को सात दिन का नोटिस देने की बात स्वीकारते हुए कहा कि अगर बिजली बिल का बकाया जमा नहीं होता तो बिजली काटना ही एक मात्र विकल्प है. उन्होंने कहा कि एचईसी पर बकाया करीब एक सौ दस करोड़ है जिसके भुगतान के लिए HEC को लगातार कहा जा रहा है. हर महीने नोटिस भी भेजा जाता है. ऐसे में अगर मार्च तक बिजली बिल के बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ तो वहां की बिजली काटी जाएगी.

पीके श्रीवास्तव ने बताया कि अभी भी उन्हें उम्मीद है कि HEC प्रबंधन बिजली बिल भुगतान शुरू कर देंगे. अगर ऐसा नहीं होता है तो नियमानुसार बिजली कनेक्शन काटना ही एक मात्र विकल्प है. अगर ऐसा हो गया तो HEC में कामकाज ठप हो जाएगा.

सिर्फ रांची क्षेत्र में ही बिजली आपूर्ति के एवज में नगर निगम, पीएचईडी, पर्यटन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, होम सहित कई विभागों पर 150 करोड़ से अधिक का बकाया है. जबकि एचईसी पर यह सौ करोड़ से ज्यादा का है. रांची नगर निगम द्वारा समय रहते बकाया भुगतान नहीं होने पर स्ट्रीट लाइट की बिजली काटने की भी योजना बिजली बोर्ड ने बना रखी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज