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मनरेगा के तहत मजदूरों को काम देने में झारखंड ने बनाया नया रिकॉर्ड, मात्र 9 महीने में 935 लाख मानव दिवस का सृजन

झारखंड में पिछले 9 महीने में मनरेगा के तहत 935 लाख मानव दिवस सृजित किया गया. (फाइल फोटो)
झारखंड में पिछले 9 महीने में मनरेगा के तहत 935 लाख मानव दिवस सृजित किया गया. (फाइल फोटो)

MGNREGA: झारखंड में वर्तमान वित्तीय वर्ष के 9 महीने में ही 935 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है, जो अब तक सबसे अधिक है. इसके पूर्व वित्तीय वर्ष 2016-17 में सबसे अधिक 707 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था.

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रांची. मनरेगा (MGNREGA) के तहत मजदूरों (Labours) को काम देने में झारखंड (Jharkhand) ने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है. वर्तमान वित्तीय वर्ष के 9 महीने में अब तक का सबसे अधिक 935 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया. ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक की अध्यक्षता में शुक्रवार को सभी जिलों के उपविकास आयुक्तों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. आराधना पटनायक ने सभी जिलों के उपविकास आयुक्तों को मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन में बढ़ोतरी के लिए बधाई दी.

बीते 9 महीने में 935 लाख मानव दिवस का सृजन 

उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों को मनरेगा के तहत स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने कोरोनाकाल के बावजूद अबतक की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बीते 9 महीने में 935 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है. लक्ष्य 1100 लाख मानव दिवस सृजन का है. जिसे मार्च तक प्राप्त कर लिया जाएगा.



लगभग 4 लाख लोगों को रोजाना मिल रहा काम  
झारखंड में कुल ग्यारह लाख 78 हजार 995 नये परिवरों को जॉबकार्ड दिया गया, जिसमें कुल 15 लाख 81 हजार 748 मजदूर शामिल हैं. वित्तीय वर्ष 2020-21 में झारखण्ड के लिए 2,74,184 लाख रुपये तथा 800 लाख मानव दिवस श्रम बजट का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. प्रवासी मजदूरों के लौटने से इस कार्यबल में और वृद्धि हुई है. गत वर्षों में जहां औसतन लगभग डेढ़ लाख लोग प्रतिदिन कार्य करते थे, वहीं राज्य सरकार के प्रयास से इस वित्तीय वर्ष में औसतन लगभग 4 लाख लोग प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं. लिहाजा मानव दिवस के सृजन में बढ़ोतरी हुई.

वित्तीय वर्ष 2017-18 में 592.74 लाख, 2018-19 में 536.59 लाख, 2019-20 में 642.01 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था. वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष में विगत 9 महीने में ही 935 लाख मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है, जो अब तक सबसे अधिक है. इसके पूर्व वित्तीय वर्ष 2016-17 सुखाड़ वर्ष में सबसे अधिक 707 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था. इस वित्तीय वर्ष में 1100 लाख से अधिक मानवदिवस सृजन का अनुमान है.
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