झारखंड उपचुनाव: दुमका और बेरमो सीट पर साख की लड़ाई, दो खास चेहरे आजमा रहे हैं किस्मत

दुमका और बेरमो सीट पर कड़ा मुकाबला हो सकता है.
दुमका और बेरमो सीट पर कड़ा मुकाबला हो सकता है.

Jharkhand By Election: झारखंड के दुमका और बेरमो सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है. एक तरह सोरेन परिवार के छठे सदस्य बसंत सोरेन (Basant Soren) चुनावी मैदान में हैं तो वहीं राजेन्द्र बाबू के बेटे जयमंगल सिंह भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.

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रांची. झारखंड के दुमका (Dumka) और बेरमो (Bermo) सीट पर में होने वाला उपचुनाव वर्तमान सरकार के लिए प्रतिष्ठा से जुड़ गया है. एक तरफ सोरेन परिवार के छठे सदस्य बसंत सोरेन सक्रिय राजनीति में कदम रख रहे हैं तो वहीं बेरमो से राजेन्द्र बाबू के बेटे जयमंगल सिंह चुनावी अखाड़े में किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं बीजेपी इन दोनों सीट से अपने पुराने प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतार सत्ताधारी दल को चुनौती देती नज़र आ रही है. उपचुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चली है. संथाल की दुमका सीट पर जेएमएम प्रत्याशी बसंत सोरेन के खिलाफ बिजेपी ने लुइस मराण्डी पर भरोसा जताया है.

दोनों पार्टियां जीत के लिए अपना पूरा दमखम लगा रहे हैं जो दोनो के नॉमिनेशन के दौरान भी देखने को मिला. नॉमिनेशन में जेएमएम के दिग्गज नेता शामिल हुए तो वहीं बीजेपी का भी हाल कुछ ऐसा ही रहा. पार्टी पूरे दमखम के साथ अपने प्रत्याशी के साथ खड़ी रही. गठबंधन सत्ताधारी दल दुमका और बेरमो उपचुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने की बात कह रही है. पार्टी का कहना है कि दुमका हो या बेरमो जनता हमारे साथ है. वहीं जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ सरकार के सभी मंत्री इस चुनाव में जीत सुनिश्चित करने को लेकर हरसंभव प्रयास करेंगे.

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बीजेपी ने कहा कार्यकर्ता ही उनकी जीत की कुंजी
वहीं बीजेपी का कहना है कि पार्टी दोनों सीट पर जीत हासिल करेगी. वहीं जेएमएम और कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते गए कहा कि दोनों पार्टियां वंशवाद की राजनीति कर रही है जिससे जनता बखूबी समझ रही है. वहीं बिजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू का कहना है कि बीजेपी के कार्यकर्ता ही उसके स्टार प्रचारक हैं. बहरहाल, उपचुनाव जेएमएम और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है तो वहीं ये बीजेपी के लिए भी किसी बड़े अवसर से कम नहीं है. वहीं सरकार को घेरने के लिए बीजेपी के पास तमाम मुद्दे हैं जिनके बूते सरकार को घेरने की कवायद में जुटी है.
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