Jharkhand By election: दिग्गज नेताओं की विरासत बचा पाएंगे राजनीति के नौसिखिया?

दुमका और बेरमो सीट पर विरासत बचाने की बड़ी चुनौती गठबंधन के प्रत्याशियों के सामने है.
दुमका और बेरमो सीट पर विरासत बचाने की बड़ी चुनौती गठबंधन के प्रत्याशियों के सामने है.

दुमका से बसंत सारेन और बेरमो से अनूप सिंह पिता की विरासत को संभाल पाएंगे. ये बड़ा सवाल है. दुमका से पहले शिबू सोरेन, फिर हेमंत सोरेन (Hemant Soren) जीतते रहे हैं. वहीं बेरमो से दिवंगत नेता राजेन्द्र सिंह (Rajendra Singh) लगातार विधायक रहे.

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रांची. झारखंड में हो रहा उपचुनाव (By election) क्या प्रदेश की दशा और दिशा तय करेगा? क्योंकि ये चुनाव दिग्गज नेताओं की विरासत से जुड़ा हुआ है. बेरमो हो या फिर दुमका, दोनों सीटें कांग्रेस (Congress) और जेएमएम (JMM) की पारंपरिक सीट रही हैं. लेकिन सवाल है कि क्या दुमका से बसंत सारेन और बेरमो से कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह उस विरासत को संभाल पाएंगे. दुमका से पहले शिबू सोरेन (Shibu Soren), फिर हेमंत सोरेन (Hemant Soren) जीतते रहे हैं. वहीं बेरमो सीट पर दिवंगत कांग्रेस विधायक राजेन्द्र सिंह (Rajendra Singh) को जनता सिर-आंखों पर बिठाती रही.

दुमका सीट को लेकर जेएमएम पूरी तैयारी में जुटा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हो या फिर पार्टी से जुड़े अन्य नेता, दुमका की जीत पर फोकस किये हुए हैं. पार्टी उम्मीदवार बसंत सोरेन भी जनता के बीच जाकर उनसे मिल रहे हैं और उनका आशीर्वाद मांग रहे हैं.

पार्टी नेता और हेमंत सरकार में मंत्री मिथिलेश ठाकुर का कहना है कि बसंत सोरेन को भले ही राजनीति विरासत में मिली हो, लेकिन पार्टी और झारखंड आंदोलन को वो करीब से जानते हैं. संथाल के लोगों के साथ उनका संबंध भी काफ़ी मजबूत रहा है. जिसको देखते हुए काफी सोच विचार कर पार्टी ने उन्हें ये जिम्मेवारी दी है.



मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि बीजेपी भले ही अपनी पूरी फौज उतार दे, लेकिन पार्टी वहां जीत हासिल करेगी, क्योंकि जनता का आशीर्वाद बसंत के साथ है.
राजेन्द्र सिंह के साथ जनता का रहा जुड़ाव

बेरमो विधानसभा सीट से दिवगंत विधायक राजेन्द्र सिंह जीतते रहे. झारखंड सरकार में वे मंत्री भी रहे. उनके देहांत के बाद उनके बेटे अनूप सिंह पर कांग्रेस पार्टी ने भरोसा जताया है. टिकट देकर मैदान में उतारा है.

झारखंड सरकार में मंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव कहना है कि अनूप काफी लंबे अर्से से पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं. जनता ने अपना समर्थन दिया तो वे उस जिम्मेवारी को भी बखूबी निभाएंगे.

3 नवंबर को होना है मतदान 

आपको बता दें कि दोनों सीटों पर उम्मीदवारों ने नामांकन कर दिया है. 17 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 19 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपने नाम वापस ले सकेंगे. 3 नवंबर को मतदान और 10 नवंबर को परिणाम आएंगे.

दोनों सीटों पर गठबंधन के प्रत्याशियों को मात देने के लिए बीजेपी ने मजबूत किलेबंदी की है. दुमका से पूर्व मंत्री लुईस मरांडी और बेरमो से योगेश्वर महतो बाटुल को मैदान में उतारा है.
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