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झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने लिखा रेल मंत्रालय को पत्र, गिरिडीह में रैक प्वाइंट, जोनल ऑफिस खोलने की मांग

झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नई ट्रेनों को भी झारखण्ड से शुरू करने की मांग की.

झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने नई ट्रेनों को भी झारखण्ड से शुरू करने की मांग की.

झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी और लंबित रेल परियोजनाओं का कार्य पूर्ण करने को लेकर रेल मंत्रालय को एक पत्र लिखा है. गिरिडीह में रांची, धनबाद और चक्रधरपुर को मिलाकर एक नया जोनल ऑफिस खोलने की मांग प्रमुख रूप से की गई.

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रांची. झारखंड से यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी, लंबित रेल परियोजनाओं का कार्य पूर्ण करने को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने रेल मंत्रालय को एक पत्र लिखा है. पत्र में गिरिडीह में रैक प्वॉइंट की स्थापना की मांग की गई है ताकि आयरन-ओर, कोयला, सीमेंट समेत अन्य सामान मंगाया जा सके. गिरिडीह के उद्योगों में हर दिन दो रैक आयरन-ओर और दो रैक कोयले की खपत है.

चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबडा ने कहा कि पासरनाथ, धनबाद और झाझा से गिरिडीह रेललाइन काफी नजदीक है लेकिन इस परियोजना पर अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है. इन सभी रेल लाइनों में फंड आवंटित कराकर कार्य को अविलंब चालू कराया जाना आवश्यक है. चैंबर ने साहेबगंज पूर्वी एवं पश्चिमी रेलवे क्रासिंग पर अनुशंसित ओवरब्रिज का निर्माण कार्य रेल मंत्रालय से जल्द कराने की मांग की.

झारखण्ड में दक्षिण-पूर्व रेलवे के जोनल कार्यालय की स्थापना की मांग दोबारा करते हुए कहा गया कि छत्तीसगढ़ और उड़ीसा में जोनल ऑफिस होने से वहां रेलवे परियोजनाओं का विकास हुआ है. ऐसे में आवश्यक है कि रांची, धनबाद और चक्रधरपुर को मिलाकर प्रदेश में एक नया जोनल ऑफिस खोला जाय. रांची से प्रमुख शहरों के लिए कुछ ट्रेनों को परिचालित करने का भी आग्रह किया गया. मुख्यतः तपस्विनी एक्सप्रेस, रांची-दिल्ली गरीब रथ, स्वर्णजयंती एक्सप्रेस, हटिया-पूणे एक्सप्रेस, रांची-भुवनेश्वर, रांची-सूरत, रांची-जयपुर तथा रांची से नई दिल्ली के लिए पूर्व में परिचालित अन्य ट्रेनों को आरंभ करने की मांग की गई. यह भी सुझाया गया कि टोरी लाइन से राजधानी का परिचालन कराया जाय, इससे यात्रा के समय में बचत होती है.



चैंबर अध्यक्ष ने कुछ नई ट्रेनों को भी झारखण्ड से शुरू करने की मांग की. उन्होंने कहा कि साहेबगंज से हावड़ा आवागमन हेतु वर्तमान में दो ट्रेनों का परिचालन जमालपुर व गया से होता है किंतु इस ट्रेन का विशेष लाभ साहेबगंज के निवासियों को नहीं होता. ऐसे में साहेबगंज से हावड़ा के लिए एक इंटरसिटी एक्सप्रेस का परिचालन आरंभ किया जाय. इसी प्रकार गिरिडीह से हावडा और रांची के लिए सीधी ट्रेन सेवा के साथ ही मधुपुर से कोडरमा व हजारीबाग तक पैसेंजर सेवा की भी नितांत आवश्यकता है. यह भी कहा गया कि गोमो से अंडाल तक पैसेंजर ट्रेन को एक नियमित अंतराल पर परिचालित करने की आवश्यकता है.
चैंबर द्वारा रांची से लखनउ तथा पाकुड़ से दिल्ली मार्ग के लिए एक ट्रेन को परिचालित करने का सुझाव दिया गया. चैंबर महासचिव राहुल मारू ने कहा कि वर्तमान में निवेशकों के बीच झारखण्ड के प्रति आकर्षण बढ़ा है, ऐसे में अन्य महानगरों की तर्ज पर झारखण्ड के सभी प्रमुख शहरों के बीच लोकल ट्रेनों को परिचालित करना आवश्यक है. उन्होंने रेल मंत्रालय को प्रेषित पत्र में यह भी कहा कि पटना से कोलकाता के लिए परिचालित ट्रेन संख्या 13313/14 आनंद विहार एक्सप्रेस में गिरिडीह से एक स्लीपर और एक एसी-3 बोगी गिरिडीह के यात्रियों की सुविधा के लिए जोड़ी जाती थी किंतु लॉकडाउन के बाद से इसे बंद कर दिया गया है जिससे यात्रियों को कठिनाई हो रही है. यह आग्रह किया गया कि इस सुविधा को पुनः आरंभ किया जाय.
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