पारसनाथ-मधुबन-गिरिडीह रेल लाइन का काम शुरू करने की मांग, झारखंड चैंबर ने रेलमंत्री को लिखी चिट्ठी

धार्मिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से बहुप्रतीक्षित पारसनाथ-मधुबन-गिरिडीह रेल लाइन काफी महत्वपूर्ण है.

धार्मिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से बहुप्रतीक्षित पारसनाथ-मधुबन-गिरिडीह रेल लाइन काफी महत्वपूर्ण है.

Ranchi News: झारखंड चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबड़ा ने कहा कि व्यवसायिक और आर्थिक दृष्टिकोण से प्रस्तावित पारसनाथ-मधुबन-गिरिडीह रेल लाइन महत्वपूर्ण है.

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रांची. झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रस्तावित पारसनाथ-मधुबन-गिरिडीह रेल लाइन का निर्माणकार्य प्रारंभ करने की मांग को लेकर रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा है. पत्र में यह कहा गया कि पारसनाथ से मधुबन हर वर्ष देश-विदेश से हजारों की संख्या में तीर्थयात्री पहुंचते हैं. यात्रियों को पारसनाथ स्टेशन पर उतर कर मधुबन तक का सफर सड़क मार्ग से ही तय करना पड़ता है, जिससे उन्हें कठिनाई होती है.

चैंबर अध्यक्ष प्रवीण जैन छाबड़ा ने कहा कि व्यवसायिक व आर्थिक दृष्टिकोण से भी प्रस्तावित नई रेल लाइन महत्वपूर्ण है. उत्तर बिहार से मकई और चावल समेत कई तरह के खाद्यान्न जो दक्षिण भारत जाते हैं, प्रस्तावित रेल लाइन के निर्माण से इसकी दूरी कम हो जायेगी. नाॅर्थ ईस्ट इंडिया गुवाहाटी, मणिपुर, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश से आने वाले यात्रियों के साथ ही दक्षिण भारत (ओडिशा/छत्तीसगढ) आने वाले तीर्थ यात्रियों को सरल यातायात सुविधा मिलेगी जिससे सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी. पासरनाथ रेलवे स्टेशन (इसरी) से जिला मुख्यालय गिरिडीह के जुटने से कार्य हेतु मजदूर, व्यापार करने वाले, फल-सब्जी बेचने वाले हर नागरिक प्रभावित होंगे. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि मेन लाइन, ग्रैंड कोड लाइन से जुड़ जायेगी जिससे उत्तर पूर्व के यात्रियों को भी सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध होगी.

चैंबर महासचिव राहुल मारू एवं सदस्य अरूण जोशी ने संयुक्त रूप से कहा कि दुनियाभर में जैन धर्मावलंबियों के लिए प्रसिद्ध और आस्था का केंद्र श्री सम्मेद शिखरजी, मधुबन तक ट्रेन से तीर्थयात्रियों को पहुंचाने की केंद्र सरकार की योजना के अनुरूप पारसनाथ से मधुबन और मधुबन से गिरिडीह रेलवे स्टेशन तक 49 किमी लंबी रेल लाइन बिछाने की योजना स्वीकृत है और सभी सर्वेक्षण कार्य भी पूर्ण किये जा चुके हैं. लेकिन पर्याप्त बजटीय राशि आवंटित नहीं होने के कारण इस दिशा में अब तक अग्रतर कार्रवाई आरंभ नहीं हो सकी है. जिससे पर्यटकों के साथ ही विशेषकर जैन धर्मावलंबियों के बीच उदासीनता है. यह आग्रह किया गया कि धार्मिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण बहुप्रतीक्षित पारसनाथ-मधुबन-गिरिडीह नई रेल लाइन प्रोजेक्ट का कार्य शीघ्र आरंभ करने हेतु पर्याप्त बजटीय राशि अनुषंसित कर, रेल लाइन के निर्माण हेतु उचित पहल प्रारंभ की जाय.

आपको बता दें कि फेडरेशन चैंबर द्वारा इस हेतु झारखण्ड के राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, महेश पोद्दार के अलावा सांसद रांची, धनबाद, गोड्डा, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा एवं चतरा को भी पत्राचार कर अपेक्षित प्रयास का आग्रह किया गया है.
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