Home /News /jharkhand /

jharkhand congress every mla rebel somebody wants ministerial post and some one chair in organization jhnj

Jharkhand Congress: यहां हर विधायक बागी! किसी को सरकार तो किसी को संगठन में चाहिए कुर्सी

झारखंड कांग्रेस के विधायक तीन  खेमों में बंटे हुए हैं. इन्हें सरकार और संगठन दोनों से नाराजगी है.

झारखंड कांग्रेस के विधायक तीन खेमों में बंटे हुए हैं. इन्हें सरकार और संगठन दोनों से नाराजगी है.

Jharkhand Congress: झारखंड में कांग्रेसी विधायकों ने बगावत का बिगुल बजाते हुए ना सिर्फ अपनी पार्टी, बल्कि सरकार की भी परेशानी बढ़ा दी है. कांग्रेस के अंदर आलम ये है कि यहां हर विधायक बागी की भूमिका में नजर आ रहे हैं.

रांची. झारखंड में सियासी हलचल तेज है. इस हलचल के केंद्र बिंदु में झारखंड कांग्रेस के विधायक है. कांग्रेस विधायकों ने बगावत का बिगुल बजाते हुए ना सिर्फ अपनी पार्टी, बल्कि सरकार की भी परेशानी बढ़ा दी है. कांग्रेस के अंदर आलम ये है कि यहां हर विधायक बागी की भूमिका में नजर आ रहा है.

यहां हर विधायक है बागी. जी हां हम बात झारखंड कांग्रेस की कर रहे हैं. जब अनुशासन का दायरा लांघ कर सार्वजनिक तौर पर खुद के नेता और पार्टी के खिलाफ कोई बगावत का झंडा थाम ले, तो उसे बागी ही कहेंगे. फिलहाल झारखंड कांग्रेस में कुछ ऐसा ही चल रहा है. कोई मंत्री बनने को ललायित है, तो किसी को संगठन की कुर्सी चाहिये. कोई खुद की सरकार में मामला दर्ज होने से नाराज है, तो कोई अधिकारियों के व्यवहार से नाराज. कांग्रेस विधायकों की ये नाराजगी उनके शब्दों से बयां हो रही है. इरफान अंसारी, राजेश कच्छप जैसे विधायकों ने इन्हीं सवालों पर कांग्रेस पर निशाना साधा है.

बंधु तिर्की की सदस्यता समाप्त होने के बाद कांग्रेस के 17 विधायकों पर नजर दौड़ाएं, तो विधायकों के बागी तेवर बिन कहे सब कुछ बयां कर रही है.

कांग्रेसी विधायक 3 खेमों में बंटे
कांग्रेस का पहला बागी खेमे में विधायक इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला, राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाडी शामिल हैं. यह खेमा कांग्रेस कोटे के सभी 4 मंत्रियों से नाराज है और मंत्रियों को बदलने की मांग और नये लोगों को मौका देने के लिए आवाज उठा रहे हैं. यह खेमा रांची से दिल्ली तक सक्रिय है.

कांग्रेस के दूसरे खेमा में महिला विधायक शामिल हैं. दीपिका पांडेय सिंह, अम्बा प्रसाद, ममता कुमारी और पूर्णिमा नीरज सिंह शामिल हैं. इन 4 विधायकों में से 3 महिला विधायक खुद की सरकार में अपने ऊपर मुकदमा दर्ज होने से नाराज हैं. सरकार में तव्वजों नहीं मिलने पर भी इनकी नाराजगी है. संगठन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से भी ये नाराज चल रहे हैं.

कांग्रेस के तीसरे खेमा में कुछ अनुभवी और कुछ पहली बार जीतने वाले विधायक शामिल हैं.
मसलन प्रदीप यादव, रामचन्द्र सिंह, जयमंगल सिंह, भूषण बाड़ा और सोनाराम सिंकू जैसे विधायक शामिल हैं. यह खेमा बाकी दो खेमों से कम आक्रामक है, पर खुद की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं है.
समय – समय पर चाहे संगठन की बैठक के दौरान या सरकार के अंदर खुद की उपेक्षा पर ये हंगामा मचा चुके हैं. खास कर ये खेमा साइलेंट किलर के तौर पर काम कर रहा है.

जब बात सार्वजनिक मंच से या मीडिया के समक्ष संगठन के खिलाफ आग उगलने की होती है , तब कांग्रेस के नेता बच बचाकर बयान देते हैं. इस वक्त भी कांग्रेस के बागी विधायकों को उचित प्लेटफार्म पर अपनी बात रखने की नसीहत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर प्रदेश के प्रवक्ता तक दे रहे हैं.

बात नहीं सुनी जाएगी तो बागी बनना तय- बीजेपी

कांग्रेस के अंदर चल रहे इस सियासी लड़ाई पर मुख्य विपक्षी दल बीजेपी सही वक्त का इंतजार कर रही है. बीजेपी विधायक रणधीर सिंह का मानना है कि जो बात कांग्रेस के नेता कर रहे हैं, वही बात वो सड़क से सदन तक लगातार कहते रहे हैं. जब सरकार में शामिल मंत्री काम नहीं करेंगे, जब विधायकों की सरकार में नहीं सुनी जाएगी, तो बागी बनना तय है.

झारखंड कांग्रेस के लिये सबको साथ लेकर चलना आसान नहीं है. कांग्रेस कोटे के मंत्री भी इस बागी राजनीति का जवाब कई मौकों पर अपने अंदाज में दे चुके हैं. कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये है कि जो इस वक्त बागी है उन्हें अगर पद या मंत्री मंडल का बर्थ देकर शांत कर भी दिया जाए, तो इसकी क्या गारंटी है कि जो छूट जाएंगे वो भविष्य में बागी ना बने.

Tags: Jharkhand Congress, Jharkhand Politics

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर