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झारखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय पहुंचे रांची, बोले- सरकार में रहने और ना रहने के फायदा-नुकसान का करूंगा आकलन

झारखंड कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय पहुंचे रांची, बोले- सरकार में रहने और ना रहने के फायदा-नुकसान का करूंगा आकलन

झारखंड कांग्रेस के नये प्रभारी अविनाश पांडेय के रांची पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया.

झारखंड कांग्रेस के नये प्रभारी अविनाश पांडेय के रांची पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया.

Jharkhand Congress: नये प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय के आगमन का जोश रांची एयरपोर्ट से लेकर अभिनंदन समारोह में देखने को मिला. अभिनंदन समारोह में कांग्रेस के नेताओं ने संगठन की मजबूती को लेकर कई तरह के सुझाव नये प्रभारी के समक्ष रखे.

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रांची. झारखंड कांग्रेस के नये प्रभारी अविनाश पांडेय ने अपने पहले ही दौरा में संगठन पहले और सरकार बाद में, का राजनीतिक संदेश दे दिया है. रांची में पार्टी के द्वारा आयोजित अभिनंदन सह सांगठनिक कार्यक्रम में नये प्रभारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार में रहने और नहीं रहने के फायदा नुकसान का आकलन भी किया जाएगा. हर एक कार्यकर्ता का सम्मान उनकी प्राथमिकता में है, पर सम्मान पाने के लिये खुद को उस लायक भी बनाना होगा. उनकी पहली प्राथमिकता गठबंधन सरकार का कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय करना रहेगा.

झारखंड की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस चर्चा में है. पहले झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह के बीजेपी में जाने की वजह से और अब नये प्रभारी अविनाश पांडेय के झारखंड आगमन की वजह से. नये प्रभारी के आगमन का जोश आज रांची एयरपोर्ट से लेकर अभिनंदन समारोह में देखने को मिला. अभिनंदन समारोह में कांग्रेस के नेताओं ने संगठन मजबूती को लेकर कई तरह के सुझाव नये प्रभारी के समक्ष रखे.

जब बारी कांग्रेस के नये प्रदेश प्रभारी की आई तो उन्होंने ने सबसे पहले दिल को छू लेने वाले अभिनंदन के प्रति आभार से शुरू किया. कार्यकर्ताओं के सम्मान – विधायकों की बात – संगठन की रफ्तार – सरकार के काम – काज सहित अगले 60 दिनों के सांगठनिक कार्य तय करने की घोषणा अविनाश पांडेय ने कर दी. नये प्रभारी ने कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिये सरकार के साथ समन्वय और समझौता से नीचे नहीं जाने की बात भी कह डाली. बात यही आ कर नहीं रुकी आगे यह भी कह दिया कि सरकार में रहने और नहीं रहने का आकलन भी जरूर होना चाहिये. वैसे नौजवान मुख्यमंत्री की कार्य क्षमता की तारीफ करने में भी वो पीछे नहीं रहे. उन्होंने गठबंधन वाली सरकार में कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को पहली प्राथमिकता में तय करने का भरोसा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिलाया.

लंबे समय के बाद कांग्रेस के किसी कार्यक्रम में सिर्फ और सिर्फ कार्यकर्ताओं के मान – सम्मान की लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाने की आवाज बुलंद होती दिखी. ऐसा होना लाजमी भी क्योंकि इस वक्त झारखंड कांग्रेस के अंदर अब सरकार में रहने के बावजूद विधायक से लेकर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की बात लगातार उठ रही है. हालांकि आने वाला वक्त तय करेगा कि नये प्रभारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कितना न्याय कर पाए.

Tags: Jharkhand Congress, Jharkhand Politics

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