झारखंड में कोरोना की रफ्तार तेज, 20 जिलों में मिले नए मरीज, दूसरी लहर का खतरा और बढ़ा

झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर का खतरा नजदीक आ गया है.

झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर का खतरा नजदीक आ गया है.

झारखंड एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे की दहलीज पर खड़ा है. एक महीने पहले जहां 24 जिलों में से सिर्फ 7 जिलों में कोरोना संक्रमित मिले थे तो आज 20 जिलों में संक्रमित मिले हैं.

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रांची. झारखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हुई है. धीरे-धीरे एक बार फिर से पूरे राज्यभर में संक्रमण फैलने का खतरा मंडराने लगा है. राज्य में पिछ्ले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 194 नए संक्रमित मिले हैं. देवघर और धनबाद में 1-1 व्यक्ति की कोरोना से मौत के साथ ही कोरोना से मरने वालों की संख्या 1100 हो गई है. कोरोना का खतरा दरवाजे तक फिर आ चुका है.

झारखंड में कोरोना की दूसरी लहर का खतरा कितना नजदीक आ गया है. इसे समझने के लिए सिर्फ एक महीना पहले आज ही के दिन की स्थिति और आज की स्थिति में तुलना करना काफी होगा. 24 फरवरी 2021 को 24 में से 17 जिलों में एक भी संक्रमित नहीं मिला था. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों को देखें तो 24 फरवरी 2021 को यानी आज से ठीक एक महीना पहले झारखंड में कोरोना पूरी तरह कमांड में था. पूरे राज्य में जहां महज 32 नए संक्रमित मिले थे वहीं 17 जिलों में एक भी संक्रमित नहीं मिला था. तब राज्य में 7डेज डबलिंग रेट लगभग 2400 दिन का था तो 7डेज ग्रोथ रेट महज 0.03% था. एक माह पहले राज्य में एक्टिव केस भी घटकर महज 431 रह गया था.

20 जिलों में मिले नए संक्रमित

एक बार फिर राज्य कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे की दहलीज पर खड़ा है. इसका अनुमान इस बात से लगा सकते हैं कि एक महीने पहले जहां 24 जिलों में से सिर्फ 7 जिलों में कोरोना संक्रमित मिले थे तो आज 20 जिलों में संक्रमित मिले हैं. इसी तरह एक महीना पहले जहां महज 32 संक्रमित मिले थे, वह आज 194 तक पहुंच गया है. 7 डेज डबलिंग दिन भी घटकर 790 दिन का रह गया है तो 7 डेज ग्रोथ रेट 0.03% से बढ़कर 0.09% हो गया है. राज्य में एक्टिव केस भी इस एक महीने में बढ़कर 969 हो गया है.
स्वास्थ्य महकमा चिंतित

राज्य में कोरोना के एक और लहर की संभावना ने स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य सचिव और NHM के राज्य निदेशक ने पत्र जारी कर सभी जिलों के DC, सिविल सर्जन, लैब इंचार्ज को कई निर्देश जारी किए हैं. कोविड-19 के नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए 25 CT वैल्यू से कम वाले पॉजिटिव सैम्पल का RNA /VTM जांच के लिए ILS भुवनेश्वर भेजने के निर्देश दिए हैं. वहीं महाराष्ट्र, केरल जैसे ज्यादा खतरे वाले क्षेत्र से ट्रैवलिंग हिस्ट्री वाले लोगों पर नजर रखने, उनके कांटेक्ट ट्रेसिंग की पहचान 24 घंटे में करने सहित कई निर्देश दिए गए हैं.
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