Ranchi: जेल से भी चल रही इन अपराधियों के जुर्म की सल्तनत, इस तरह वसूल रहे रंगदारी

झारखंड के कुख्यात अपराधी जेल से ही समानांतर सरकार चला रहे हैं. टेंडर हों, कोयले का कारोबार या फिर जमीन की खरीद बिक्री माफिया तत्व की सीधी एंट्री देखने को मिल रही है.

झारखंड के कुख्यात अपराधी जेल से ही समानांतर सरकार चला रहे हैं. टेंडर हों, कोयले का कारोबार या फिर जमीन की खरीद बिक्री माफिया तत्व की सीधी एंट्री देखने को मिल रही है.

झारखंड के कुख्यात अपराधी जेल से ही समानांतर सरकार चला रहे हैं. टेंडर हो, कोयले का कारोबार या फिर जमीन की खरीद बिक्री माफिया तत्व की सीधी एंट्री देखने को मिल रही है. यह रंगदारी वसूल रहे हैं और न देने वालों की जेल में रहकर ही हत्या करा देते हैं. यह पुलिस के लिए भी चुनौती बन रहे हैं.

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रांची. झारखंड ( jharkhand ) के कुख्यात अपराधी ( criminal ) जेल (Jail ) से ही समानांतर सरकार चला रहे हैं. टेंडर हों, कोयले का कारोबार या फिर जमीन की खरीद बिक्री माफिया तत्व की सीधी एंट्री देखने को मिल रही है. यह पुलिस के लिए भी चुनौती बन रही है.अखिलेश सिंह, सुजीत सिन्हा, अनिल शर्मा, लवकुश शर्मा, लखन सिंह, कालू लामा, गेंदा सिंह, अमन साव जैसे गैंगस्टर जेल में बैठे- बैठे अपने गिरोह का संचालन कर रहे हैं. वह सरकारी अधिकारियों से लेकर बड़े ठेकेदारों से रंगदारी वसूल कर करोड़पति बन रहे हैं. यही नहीं कोयले के काले कारोबार से लेकर जमीन के गोरखधंधे में भी इन गुनहगारों का सिक्का चलता है. ये जेल में बैठकर ही अपने खौफ के जरिए करोड़ों कमा रहे हैं.

ऐसी बात नहीं पुलिस को इस खौफ के काले कारोबार की जानकारी नहीं है. हाल के दिनों में प्रदेश भर के 3 जिलों में इस तरह के मामले सामने आए हैं, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन सरगनाओं के गुर्गों को गिरफ्तार किया. लातेहार, धनबाद और चतरा जिले से पुलिस ने अलग अलग गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया है. मामले की जानकारी देते हुए झारखंड पुलिस के आईजी अभियान अमोल विणुकान्त होमकर ने बताया कि इसको लेकर सभी जिलों के एसपी और डीआईजी को निर्देश दिया गया है. रेंज डीआईजी के नेतृत्व में एक टास्क फोर्स बनाया गया है जो इसे लेकर कार्रवाई कर रही है.

कौन से आपराधिक संगठनों का चल रहा खौफ

अनिल शर्मा- आजीवन कारावास, जेल में, गैंग में 35 सदस्य (हजारीबाग) राजधानी के पुराने गैंगस्टरों में अनिल शर्मा का नाम सबसे ऊपर आता है. अनिल शर्मा फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसके गुर्गे बड़े व्यापारियों से लेकर रेलवे और दूसरे ठेकेदारों से रंगदारी वसूल करते हैं. वहीं टेंडर में भी इनका जोर चलता है.
लवकुश शर्मा - जेल में है. गैंग में 12 सदस्य जेल में हैं. पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर समरेंद्र प्रताप सिंह से एक करोड़ की रंगदारी और पैसे नहीं मिलने पर दिनदहाड़े इंजीनियर को गोली मार चर्चा में आये कुख्यात अपराधी लव कुश शर्मा जेल में रहते हुए भी हर महीने करोड़ो की उगाही कर रहा है. कुछ व्यपारियों की शिकायत पर लवकुश को रिमांड पर लाकर पूछताछ भी की गई थी.

संदीप थापा -  जेल में है. गैंग में 28 सदस्य हैं. हत्या ,लूट और रंगदारी जैसे दर्जनों मामले का आरोपी संदीप थापा फिलहाल जेल में बंद है. लेकिन उसके गिरोह के सदस्य राजधानी में बेखौफ होकर रंगदारी वसूलते हैं. लखन, गेंदा सिंह- लखन पर दो लाख इनाम, फरार, गेंदा जेल में बंद, गैंग में 35 सदस्य हैं. रांची में जमीन से जुड़े कारोबारियों में लखन और उसके भाई गेंदा सिंह का खौफ सर चढक़र बोलता है. जमीन की खरीद-बिक्री या फिर किसी बड़ी जमीन के डील में दोनों का हिस्सा नहीं देने वालों की आवाज बंद कर दी जाती है. यही वजह है कि फिलहाल यह गैंग रांची में नंबर एक पर चल रहा है.

नरेश सिंह बुतरू- जमानत पर, गैंग में 15 सदस्य रांची में बुतरू गैंग का भी जोरदार प्रभाव है. पैसे लेकर हत्या करने के लिए यह गैंग जाना जाता है. फिलहाल नरेश सिंह उर्फ बुतरू जेल से बाहर है और उसके कई व्यापारियों से रंगदारी मांगने की सूचना रांची पुलिस को मिली है.



धीरज जालान- जेल में, गैंग में 18 सदस्य. बड़े अपरधियों के संरक्षण में काम करने वाला यह गिरोह पैसे के लिए किसी भी अपराध को अंजाम दे सकता है. आमतौर पर यह गिरोह बड़े अपराधियों के लिए काम करता है. राजीव कुमार मिश्रा- जेल में, गैंग में 20 सदस्य. बरांची के धुर्वा में पार्षद की हत्या कर फिलहाल राजीव मिश्रा जेल में बंद है. उसके गैंग के 20 सदस्य राजधानी में अलग-अलग इलाकों से रंगदारी वसूल कर उसके पास पहुंचाते हैं.

निक्की शर्मा - गैंग में 25 सदस्य ,चतरा जेल में लूट और डकैती जैसे मामलों के लिए कुख्यात यह गैंग रांची में दर्जनों लूट की वारदातों को अंजाम दे चुका है. इस का सरगना निक्की शर्मा फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसके गुर्गे अभी भी रांची में अपराध की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. निक्की शर्मा जेल से ही अपने गैंग को चला रहा है.

सुजीत सिन्हा- शूटरों को हायर कर रंगदारी का धंधा. जेल से ठेका और कोयले के कार्यों को भी प्रभावित करता है. वहीं अमन साव कोयले के कारोबार के साथ रंगादारी वसूलने का काम करता है.

जेल में खराब जैमर और मैन पॉवर की कमी

पूर्व आईपीएस अरुण उरांव का कहना है कि जेल से गैंगस्टर मोबाइल के जरिए काफी आसानी से ऑपरेट करते हैं. इसके लिए जेल में मैन पॉवर की कमी और जैमरों का दुरुस्त न होना सबसे बड़ी वजह है.

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