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बड़ा खूंखार है प्रशांत बोस, DGP ने कहा- किसी को भी नक्सली बना सकता है, गिरफ्तारी के लिए बना स्पेशल प्लान

बड़ा खूंखार है प्रशांत बोस, DGP ने कहा- किसी को भी नक्सली बना सकता है, गिरफ्तारी के लिए बना स्पेशल प्लान

Naxal Prashant Bose News: नक्सली नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी झारखंड के सरायकेला में हुई.

Naxal Prashant Bose News: नक्सली नेता प्रशांत बोस की गिरफ्तारी झारखंड के सरायकेला में हुई.

Naxal Prashant Bose News: झारखंड के डीजीपी नीरज सिन्हा ने कहा कि पहली बार माओवादियों की सेंट्रल कमिटी का कोई सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आया है. 1 करोड़ का इनामी प्रशांत बोस कहां छिपा था, इसकी पूरी जानकारी पुलिस के पास थी, लेकिन वहां तक पहुंचने में काफी खून-खराबा होने की आशंका थी. इसलिए इंतजार किया गया और प्रशांत बोस को रास्ते में गिरफ्तार किया गया.

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रांची. माओवादियों के शीर्षस्थ नेता और 1 करोड़ के इनामी नक्सली प्रशांत बोस भले ही बूढ़ा हो गया हो, लेकिन उनका खौफ आज भी जिंदा है. शायद यही वजह है कि झारखण्ड डीजीपी भी उनके बारे में ये कहते है कि प्रशांत बोस का दिमाग इतना शातिर है कि वो किसी को भी नक्सली बना सकता है. इसी वजह से प्रशांत बोस को मीडिया के समक्ष नहीं लाया गया.

नक्सल सेंट्रल कमिटी के सबसे ताकतवर सदस्यों में से एक प्रशांत बोस उर्फ किशन दा को झारखण्ड पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान में सरायकेला के कांड्रा इलाके से 12 नवंबर को गिरफ्तार किया. प्रशान्त बोस के साथ उनकी पत्नी शिला मरांडी और अन्य 4 अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया. इनके पास से मोबाइल एसडी कार्ड, पेन ड्राइव सहित अन्य सामान बरामद हुए.

पेन ड्राइव और एसडी कार्ड में नक्सलियों के द्वारा अंजाम दिये गए तमाम घटनाओं का ब्यौरा है. वहीं आने वाले दिनों में संगठन किस तरह से काम करेगा इसकी भी पूरी जानकारी है. आईजी अभियान अमोल विणुकान्त होमकर ने बताया कि प्रशांत बोस का दबदबा झारखंड के साथ-साथ बिहार, ओडिशा, बंगाल, छतीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में था. इसी महीने माओवादियों की एक बड़ी बैठक पारसनाथ में होनी थी और उसी बैठक में शामिल होने के लिए किशन दा जा रहे थे. लेकिन इसकी जानकारी पुलिस को मिल गई. लिहाजा पुलिस के विशेष अभियान चलाकर प्रशांत बोस समेत 6 नक्सलियों को गिरफ्तार कर लिया.

झारखंड पुलिस के मुताबिक संयुक्त बिहार में विनोद बिहारी महतो और शिबू सोरेन के महाजनी आंदोलन के वक्त प्रशांत बोस पश्चिम बंगाल से 70 के दशक में गिरिडीह आया था. इसके बाद एमसीसीआई प्रमुख बनने से लेकर कई राजनीतिक हत्याओं में प्रशांत बोस मास्टरमाइंड की भूमिका में रहा. सुनील महतो, रमेश सिंह मुंडा जैसे चर्चित नेताओं की हत्या में वह वांटेड है. 2008 में बुंडू के तत्कालीन विधायक व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्या मामले में भी एनआईए ने प्रशांत बोस को फरार बताते हुए चार्जशीट दायर किया था. इसके अलावा जमशेदपुर के गुड़ाबंधा में नागरिक सुरक्षा समिति के एक दर्जन से अधिक सदस्यों की हत्या, चाईबासा के बलिवा के चर्चित कांड में पुलिसकर्मियों के सबसे बड़े नरसंहार में उनकी संलिप्ता सामने आई थी.

बोस की गिरफ्तारी पर झारखण्ड डीजीपी नीरज सिन्हा ने कहा कि ये झारखंड पुलिस के लिए बहुत बड़ी सफलता है. पहली बार माओवादियों की सेंट्रल कमिटी का कोई सदस्य झारखंड पुलिस गिरफ्त में आया है. उन्होंने कहा कि प्रशांत बोस कहां छिपे थे, इसकी पूरी जानकारी झारखंड पुलिस के पास थी. लेकिन वहां तक पहुंचने में काफी खून-खराबा होता. इस वजह से इंतजार किया गया और प्रशांत बोस को रास्ते में गिरफ्तार किया गया. डीजीपी ने कहा कि बोस स्वस्थ हैं और मानसिक रूप से काफी शार्प है. यही वजह है कि उन्हें मीडिया के समक्ष नहीं लाया गया.

Tags: Anti naxal operation, Jharkhand news, Jharkhand Police, Naxalites news

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