कानून-व्यवस्था की कमी से झारखंड में नहीं टिकते निवेशक : कैग

आईएएनएस
Updated: August 13, 2017, 5:29 PM IST
कानून-व्यवस्था की कमी से झारखंड में नहीं टिकते निवेशक : कैग
Comptroller and Auditor General
आईएएनएस
Updated: August 13, 2017, 5:29 PM IST
झारखंड ने साल 2001 से 2016 के बीच 3.51 लाख करोड़ रुपए से अधिक के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन उसका 'महज 3.8 फीसदी ही हकीकत में तब्दील हुआ. इस नाकामी के कई कारण हैं, जिसमें कानून-व्यवस्था की कमी, बिजली और पानी कनेक्शन की कमी प्रमुख है. ऐसा कैग की रिपोर्ट में कहा गया है.

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ने शनिवार को झारखंड विधानसभा के पटल पर रखी अपनी रिपोर्ट में कहा कि इस्पात क्षेत्र में कुल 1.60 लाख करोड़ रुपए का निवेश राज्य में नहीं हो सका, क्योंकि उन्हें बिजली, पानी मुहैया नहीं करवाया गया, साथ ही कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति भी एक बड़ी समस्या है.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि झारखंड व्यापार करने में आसानी के मामले में देश में तीसरे स्थान पर है, लेकिन औद्योगिकीकरण की जमीनी हकीकत से इसका कोई संबंध नहीं है.

रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड की स्थिति ओडिशा और छत्तीसगढ़ से भी बुरी है. ओडिशा और छत्तीसगढ़ में एक भी एमओयू रद्द नहीं हुआ है, लेकिन झारखंड में 79 एमओयू में से 38 रद्द हो चुके हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन एमओयू के रद्द होने का मुख्य कारण सिंगल विंडो सिस्टम की कमी है, राज्य सरकार में इच्छाशक्ति की कमी और नक्सलवाद से संबंधित घटनाएं हैं. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य के 24 में से 22 जिले नक्सलवाद से प्रभावित हैं.
First published: August 13, 2017
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