रांची: ई-पास ने उड़ाई किसानों की नींद, बाजार तक नहीं पहुंच पा रही सब्जियां

स्मार्टफोन और ऑनलाइन की दुनिया से अनजान किसानों के लिए ई-पास बनाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

स्मार्टफोन और ऑनलाइन की दुनिया से अनजान किसानों के लिए ई-पास बनाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

सरकार की नई गाइडलाइंस से निकला ई-पास भले ही शहरी इलाकों के लिए जाना पहचाना लब्ज हो लेकिन ग्रामीण इलाकों में ई-पास के जिन्न ने किसानों की नींद उड़ा कर रख दी है. किसानों के लिए ई-पास बनाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है.

  • Share this:

रांची. रांची में-ई पास ने भले ही सड़कों पर बेवजह घूमने वालों के कदमों को रोक दिया हो लेकिन इसने किसानों को खासा परेशान कर रखा है. ई-पास को लेकर जागरुकता की कमी और स्मार्टफोन से दूरी ने किसानों की आर्थिक स्थिति को ही पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है. सरकार की नई गाइडलाइंस से निकला ई-पास भले ही शहरी इलाकों के लिए जाना पहचाना लब्ज हो लेकिन ग्रामीण इलाकों में ई-पास के जिन्न ने किसानों की नींद उड़ा कर रख दी है. स्मार्टफोन और ऑनलाइन की दुनिया से अनजान किसानों के लिए ई-पास बनाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. लिहाजा बाजार तक उनकी सब्जियां नहीं पहुंच पा रही और खेतों में पड़ी पड़ी सड़ने को मजबूर हैं.

रांची के कांके प्रखंड के पथराबारी और सुभाष नगर इलाके का किसानों का दर्द कुछ ऐसा ही है. कांके प्रखण्ड के होचर गांव के 65 वर्षीय किसान भागीरथ साहू और विजय महतो की मानें तो उन्हें स्मार्टफोन चलाना नहीं आता और अगर किसी की मदद से ई-पास निकालने की कोशिश भी करते हैं तो सर्वर हैंग करने जैसी कुछ तकनीकी समस्या आड़े आ जाती है.

किसानों की मानें तो कई बार राजधानी के बाजारों में सब्जियां ले जाने के दौरान उनका चालान कट चुका है क्योंकि स्मार्टफोन नहीं रहने और तकनीकी कारणों से उनका ई-पास नहीं बन पाया था. घर की जरूरतें और खेतों में सड़ सब्जियों ने उन्हें बाजार का रुख करने के लिए मजबूर कर दिया. सब्जियां बाजार तक तो नहीं पहुंची लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने जरूर पकड़ लिया.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज