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बड़ी खबर: संतोष ट्रॉफी व वीमेंस चैंपियनशिप में खेलेगी झारखंड फुटबॉल टीम, अध्यक्ष-सचिव विवाद सुलझा

बड़ी खबर: संतोष ट्रॉफी व वीमेंस चैंपियनशिप में खेलेगी झारखंड फुटबॉल टीम, अध्यक्ष-सचिव विवाद सुलझा

झारखंड की टीम को संतोष ट्रॉफी में खेलने की मिली अनुमति (सांकेतिक तस्वीर)

झारखंड की टीम को संतोष ट्रॉफी में खेलने की मिली अनुमति (सांकेतिक तस्वीर)

Jharkhand News: झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष नजम अंसारी ने राज्य सरकार से मांग की है कि झारखंड की टीम में स्थानीय खिलाड़ी ही हों. इसके साथ ही कोच और सपोर्ट स्टाफ भी स्थानीय हों. बता दें कि झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष नजम अंसारी और सचिव गुलाम रब्बानी के बीच विवाद से बात बिगड़ गई थी.

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रांची. खेल जगत से बड़ी खबर सामने आई है. संतोष ट्रॉफी फुटबॉल टूर्नामेंट में झारखंड की टीम भी खेलेगी. झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष व मंत्री मिथिलेश ठाकुर के हस्तक्षेप से विवाद सुलझने के बाद अब इसके लिए राज्य सरकार की ओर से सहमति की प्रतीक्षा की जा रही है.  बता दें कि AIFF ने टीम भेजने को लेकर राज्य सरकार की सहमति की बात कही थी. इसके साथ ही यह भी बड़ी खबर है कि महिला टीम भी नेशनल चैंपियनशिप खेलने जाएगी. 24 व 25 नवंबर को रांची में इसके लिए  ट्रायल होगा.

झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष नजम अंसारी ने राज्य सरकार से मांग की है कि झारखंड की टीम में  स्थानीय खिलाड़ी ही हों. इसके साथ ही कोच और सपोर्ट स्टाफ भी स्थानीय हों. बता दें कि झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष नजम अंसारी और सचिव गुलाम रब्बानी के बीच विवाद से बात बिगड़ गई थी.

बता दें कि, AIFF ने झारखंड फुटबॉल संघ के अध्यक्ष और सचिव के अनबन की स्थिति को देखते संतोष ट्राफी और चैंपियनशिप में झारखंड टीम की भागीदारी को रोकने का आदेश जारी किया था. सचिव और अध्यक्ष ने अपने अपने स्तर से टीम की लिस्ट AIFF को भेज दी थी.

बता दें कि झारखंड फुटबॉल संघ के अध्यक्ष नजम अंसारी कुछ समय पहले ही फुटबॉल को प्रोत्साहित करने की दिशा में आगे बढ़ते दिखे. इसके बाद से ही उत्पन्न विवाद अब तक जारी है. विवाद की शुरुआत तब हुई जब खेल निदेशक ने झारखंड फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष अंसारी को पत्र लिखा.

सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर लिखे गये इस पत्र में झारखंड में मृतप्राय फुटबॉल को सक्रिय करने को कहा गया. अंसारी ने इसके बाद झारखंड के लगभग सभी जिलों में आयोजन समिति गठित की. लगभग 400 क्लबों का रजिस्ट्रेशन करवाया. अधिकांश जिलों में कई वर्षों के बाद जिला फुटबॉल लीग का आयोजन हुआ.

इन आयोजनों से नाराज संघ के सचिव गुलाम रब्बानी ने अध्यक्ष को और आयोजन समिति गठित करने के आरोप में संयुक्त सचिव को भी उनके पद से हटाने का आदेश दे दिया. रब्बानी पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से बाहरी खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें संतोष ट्रॉफी में भेजा. अध्यक्ष चाहते थे कि इन प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में स्थानीय खिलाड़ियों को मौका मिले.

इस विवाद के बाद AIFF ने इस पर नाराजगी जाहिर की थी. इससे पुरुष टीम के 22 और महिला टीम की 20 खिलाड़ियों का एक साल बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया था. इसके बाद मिथिलेश ठाकुर ने मामले में पहल की. अब संतोष ट्राफी और नेशनल चैंपियनशिप के लिए झारखंड टीम की राह फिर से खुल गयी है.

Tags: Football news, Jharkhand news, Ranchi news

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