झारखंड: पूर्व मंत्री साइमन मरांडी का कोलकाता में निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर

साल 1977 में उन्होंने पहला चुनाव निर्दलीय लड़ा था. साइमन मरांडी पांच बार 1977, 1980, 1985, 2009, 2017 में विधायक रहे हैं. (फाइल फोटो)

साल 1977 में उन्होंने पहला चुनाव निर्दलीय लड़ा था. साइमन मरांडी पांच बार 1977, 1980, 1985, 2009, 2017 में विधायक रहे हैं. (फाइल फोटो)

उन्हें कोलकाता के आरएन टैगोर अस्पताल (Tagore Hospital) में भर्ती कराया गया था. वहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी.

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  • Last Updated: April 14, 2021, 6:14 PM IST
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रांची. झामुमो के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री सह पार्टी के केन्दीय उपाध्यक्ष साइमन मरांडी (Simon Marandi) का निधन (Death) हो गया है. वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें कोलकाता के आरएन टैगोर अस्पताल (Tagore Hospital) में भर्ती कराया गया था. वहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी. सोमवार रात कोलकाता के आर एन टाइगर अस्पताल में उन्होंने अन्तिम सांस ली. लिट्टीपाड़ा विधानसभा के पूर्व विधायक साइमन मरांडी को 14 मार्च को टैगोर अस्पताल भर्ती कराया गया था.

साल 1977 में उन्होंने पहला चुनाव निर्दलीय लड़ा था. साइमन मरांडी पांच बार 1977, 1980, 1985, 2009, 2017 में विधायक रहे हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट से चुनाव लड़े थे, पर उनकी हार हुई थी. साइमन मरांडी JMM के टिकट पर राजमहल सीट से 1989 और 1991 में सांसद रह चुके हैं. हेमंत सोरेन की सरकार में वे साल 2013 में मंत्री भी बनाए गए थे. साइमन मरांडी की मौत से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है.

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ईश्वर परिजनों और शुभचिंतकों को दुख सहने का साहस दें
वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी उनके निधन पर ट्वीट कर शोक व्यक्त किया. उन्होंने कहा है कि साइमन मरांडी के निधन की सूचना से वे काफी दुखी हैं. उनका मन इस सामाचर से काफी दुखी है. झारखंड ने आज अपना एक लाल खो दिया है. उनसे आत्मीय संबंध थे. ईश्वर से उनकी आत्मा के शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. ईश्वर परिजनों और शुभचिंतकों को दुख सहने का साहस दें.

पैतृक आवास के निकट उन्हें दफनाया जाएगा

जानकारी के मुताबिक, आज सुबह कोलकाता से स्वर्गीय साइमन मरांडी का पार्थिव शरीर पाकुड़ जिला स्थित उनके हिरणपुर आवास के लिए निकल चुका है. परिजनों का कहना है कि 14 अप्रैल यानी बुधवार को लिटीपाड़ा प्रखंड के ताल पहाड़ी डुमरिया स्थित उनके पैतृक आवास के निकट उन्हें दफनाया जाएगा.
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