कोरोना त्रासदी में मजबूती से मदद दे रही हेमंत सोरेन सरकार, ऑक्सीजन और बेड की इस तरह की है व्यवस्था

झारखंड सरकार  ने बढ़ा दिए ऑक्सीजन और बेड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झारखंड सरकार  ने बढ़ा दिए ऑक्सीजन और बेड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

झारखंड में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. प्रतिदिन का आंकड़ा अब 5 हजार के पार तक चला गया है. इस बीच अगर राज्य के अस्पतालों में सामान्य बेड पर नजर दौड़ाएं तो एक अप्रैल तक राज्य में सामान्य बेड की संख्या 7 हजार 201 थी, वो अब बढक़र 12 हजार 12 तक पहुंच गई है.

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रांची. झारखंड (Jharkhand) में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बाद स्वास्थ्य विभाग की तैयारी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. हाल के कुछ दिनों में बेड की कमी, ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत, जांच रिपोर्ट में देरी, बाजार में दवा और इंजेक्शन के नाम पर कालाबाजारी की कई तस्वीरें सामने आ चुकी है. राज्य की हेमंत सोरेन ( Hemant Soren) सरकार या स्वास्थ्य विभाग इससे इंकार नहीं कर सकता. मगर ऐसा भी नहीं है कि इस दौरान कुछ हुआ ही नहीं. बीते एक अप्रैल से अब तक की बात करें तो कुछ तथ्य इस ओर इशारा करते हैं कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पूरी मजबूती से लडऩे की तैयारी का दावा कर रही है.

सामान्य बेड से लेकर ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या में इजाफा

झारखंड में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. प्रतिदिन का आंकड़ा अब 5 हजार के पार तक चला गया है. इस बीच अगर राज्य के अस्पतालों में सामान्य बेड पर नजर दौड़ाएं तो एक अप्रैल तक राज्य में सामान्य बेड की संख्या 7 हजार 201 थी, वो अब बढक़र 12 हजार 12 तक पहुंच गई है.  इसी तरह ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड जो एक अप्रैल तक एक हजार 459 थी, वो अब बढक़र 5 हजार 947 तक पहुंच गई है. इसके अलावा प्रदेश में आईसीयू बेड की संख्या 1 अप्रैल तक मात्र 481 थी, वो अब बढक़र 3 हजार 272 तक पहुंच गई है. जबकि वेंटिलेटर बेड की संख्या जो पहले 502 थी, वो अब बढक़र 634 तक पहुंच गई है.

लैब से लेकर आरटीपीसीआर मशीन में भी बढ़ोत्तरी
कोरोना संक्रमण की एंट्री से लेकर अब तक संसाधनों में भी बढोत्तरी हुई है. 31 मार्च 2020 को प्रदेश में इसकी कुल संख्या 4 थी. इसमें 2 लैब और  2 आरटीपीसीआर मशीन शामिल थीं. आरएनए एक्सट्रेक्टर की संख्या शून्य थी. अब अगर 31 मार्च 2021 तक की संख्या पर गौर करें तो ये बढक़र 52 तक पहुंच गई है. यानी अब 7 लैब , 21 आरटीपीसीआर मशीन और 24 आएनए एक्सट्रेकटर इसमें शामिल है. साहेबगंज में लैब बनकर तैयार हो गया है, जो एक सप्ताह बाद शुरू हो जायेगा.

कोरोना जांच का आंकड़ा भी बढ़ता गया

प्रदेश में सैम्पल जांच की स्थिति को देखें, तो 29 मार्च से 3 अप्रैल तक राज्य में एक सप्ताह में 88638 जांच की गई थी, जो 4 से 9 अप्रैल तक बढक़र  1 लाख 35 हजार 256 तक हो गई. वहीं 10 से 15 अप्रैल तक ये आंकड़ा 2 लाख 19 हजार 806 तक पहुंच गया. अभी लगभग 36 हजार 634 कोरोना जांच प्रतिदिन किया जा रहा है.



रांची में भी बड़ी बेड की संख्या

रांची में ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की संख्या 486 से बढ़ाकर 1362 कर दी गई है. आईसीयू बेड की संख्या 211 से बढ़ाकर 395 की गई है, वही वेंटिलेटर की संख्या 120 थी अब इनकी संख्या 169 की गई है. पूर्वी सिंहभूम में कोविड के मरीजों की संख्या के मद्देनजर 263 नए ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की व्यवस्था की गई है. बोकारो में 174, हजारीबाग में 90 और सिमडेगा में 200 नए ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड लगाए गए हैं.
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