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झारखंड में छत्तीसगढ़ मॉडल पर शराब बेचने की तैयारी! कैसे आएगा 2300 करोड़ का राजस्व? माथा खपा रहे अधिकारी

झारखंड में छत्तीसगढ़ मॉडल पर शराब बेचने की तैयारी! कैसे आएगा 2300 करोड़ का राजस्व? माथा खपा रहे अधिकारी

Jharkhand News: झारखंड में अब छत्तीसगढ़ मॉडल पर शराब बेचने की तैयारी चल रही है.

Jharkhand News: झारखंड में अब छत्तीसगढ़ मॉडल पर शराब बेचने की तैयारी चल रही है.

Jharkhand Liquor Policy: झारखंड में शराब नीति और बिक्री के तरीके को लेकर घमासान मचा है‌. ‌उत्पाद विभाग के अधिकारियों को बकायदा छत्तीसगढ़ मॉडल की बारीकी से समीक्षा कर इसकी एक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है.‌ छत्तीसगढ़ की कंसलटेंसी एजेंसी ने झारखंड सरकार पर राजस्व का ऐसा जाल फेंका है, जिसमें सरकार की पूरी शराब नीति ही उलझ कर रह गई है.

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रांची. झारखंड में शराब नीति और बिक्री के तरीके को लेकर घमासान मचा है‌. ‌उत्पाद विभाग के अधिकारियों को बकायदा छत्तीसगढ़ मॉडल की बारीकी से समीक्षा कर इसकी एक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है.‌ छत्तीसगढ़ की कंसलटेंसी एजेंसी ने झारखंड सरकार पर राजस्व का ऐसा जाल फेंका है, जिसमें सरकार की पूरी शराब नीति ही उलझ कर रह गई है. ‌झारखंड खुदरा शराब विक्रेता संघ के सचिव सुबोध कुमार की मानें तो छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए झारखंड सरकार को 2300 करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य दिखाया है.‌ उसको लेकर राज्य सरकार ने अपना संकल्प पत्र भी जारी कर दिया है. साथ ही मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की कंसलटेंसी एजेंसी के प्रस्ताव की गहनता से पड़ताल से समीक्षा कर इसकी रिपोर्ट जल्द से जल्द बुधवार की शाम तक देने का निर्देश दिया गया है.

रांची खुदरा शराब विक्रेता संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार साहू बताते हैं कि छत्तीसगढ़ की ओर झारखंड सरकार के झुकाव से स्थानीय शराब कारोबारियों में बेहद नाराजगी है. उनकी मानें तो शराब कारोबारियों के पास करोड़ों का माल पड़ा है और अब सरकार खुद शराब बेचने की सोच रही है.‌ ऐसे में राज्य के 1400 से ज्यादा शराब कारोबारी बर्बाद हो जाएंगे. बता दें, छत्तीसगढ़ में 36 प्रतिशत तो  झारखंड में 6 प्रतिशत लोग शराब पीते हैं.

मंत्री जगरनाथ महतो ने कही यह बात 

इन सबके बीच मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो की मानें तो तो अभी छत्तीसगढ़ की कंसल्टेंसी को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है. फिलहाल अधिकारियों को समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं. उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की ओर से नियुक्त परामर्शी छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ने झारखंड राज्य सरकार को उत्पाद राजस्व संवर्द्धन के विषय पर कई सुझाव उपलब्ध कराये हैं.‌ इसको लेकर छत्तीसगढ़ की एजेंसी ने उत्पाद मंत्री जगरनाथ महतो की अध्यक्षता में राज्य सरकार की टीम को एक प्रस्तुतिकरण भी दिया है.

क्या हैं छत्तीसगढ़ की कंसलटेंसी एजेंसी के सुझाव

* झारखंड उत्पाद अधिनियम- 1915 और यथा संशोधित अधिनियम- 2015 (Jharkhand Excise Act) में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन, क्रय, विक्रय, सेवन, आदि के संबंध में सख्त कानूनी प्रावधान लाने के अधिनियम के कई धाराओं में संशोधन का परामर्श

* झारखंड शराब का भंडार एवं थोक बिक्री नियमावली- 2021 के तहत राज्यभर में शराब के गोदामों की संख्या घटाने का परामर्श

* झारखंड उत्पाद (शराब की बिक्री हेतु दुकानों की बंदोवस्ती एवं संचालन) नियमावली- 2018 (Retail Policy)  में छत्तीसगढ़, केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों की तर्ज पर सरकार के गहन नियंत्रण में प्राइवेट एजेंसी द्वारा दुकानों के संचालन का परामर्श

* झारखंड उत्पाद (देशी शराब निर्माण, बॉटलिंग और भंडारण) नियम- 2018 (Country liquors Policy) के संदर्भ में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से पेट/ प्लास्टिक बॉटल के जगह पर शीशे के बॉटल इस्तेमाल करने का सुझाव

* अवैध जावा, महुआ, चुलाई, आदि मदिरा निर्माण पर भी नियंत्रण का परामर्श

Tags: Chhattisgarh news, Jharkhand Government, Jharkhand News Live Today

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