झारखंड सरकार ने घाटों पर जाकर छठ पूजा करने पर लगाई रोक, चौतरफा विरोध शुरू

बीजेपी नेताओं ने तालाब में उतरकर हेमंत सरकार के गाइडलाइन का विरोध किया.
बीजेपी नेताओं ने तालाब में उतरकर हेमंत सरकार के गाइडलाइन का विरोध किया.

हेमंत सरकार (Hemant Government) में शामिल कांग्रेस ने भी छठ (Chhath) को लेकर जारी गाइडलाइंस पर सवाल उठाए हैं. वहीं बीजेपी नेताओं ने राजधानी के बटन तालाब में उतरकर गाइडलाइंस का विरोध किया.

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रांची. महापर्व छठ (Chhath) को लेकर झारखंड सरकार (Jharkhand Government) की ताजा गाइडलाइंस के बाद इसमें संशोधन को लेकर आवाज उठने लगी है. राजधानी के तमाम छठ घाटों के आसपास बसे स्थानीय लोगों, राजनीतिक दल, पूजा समितियों समेत कई संस्थाओं ने राज्य सरकार से गाइडलाइंस में संशोधन की अपील की है. यहां तक कि हेमंत सरकार में शामिल कांग्रेस ने भी छठ को लेकर जारी गाइडलाइंस पर सवाल उठाए हैं. वहीं बीजेपी नेताओं ने राजधानी के बटन तालाब में उतरकर गाइडलाइंस का विरोध किया.

बीजेपी सांसद संजय सेठ, विधायक सीपी सिंह, विधायक नवीन जायसवाल, विधायक समरी लाल और डिप्टी मेयर समेत कई नेताओं ने सरकार के गाइडलाइन का विरोध किया. बीजेपी नेताओं ने छठ को लेकर जारी गाइडलाइंस को तुगलकी फरमान बताया और कहा कि बिहार में भी इस तरह की गाइडलाइन जारी नहीं की गई है. बीजेपी नेताओं ने हेमंत सरकार पर हिंदुओं की भावना से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया.

विधायक व पूर्व मंत्री सीपी सिंह ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नमाज या फिर मुस्लिम त्योहारों के वक्त इस तरह की गाइडलाइंस जारी नहीं की जाती. सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है.



वहीं सरकार में शामिल कांग्रेस ने भी गाइडलाइंस पर पुनर्विचार की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि सिर्फ कोविड-19 को ध्यान में रखकर राज्य सरकार को ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि धर्म और आस्था को ध्यान में रखकर ही राज्य सरकार को फैसला लेना चाहिए.
पूजा समितियों की मानें तो महापर्व छठ लाखों लोगों के आस्था का विषय है, इसलिए सरकार को इस बात का ध्यान रखकर गाइडलाइंस जारी करना चाहिए.

महावीर मंडल समिति के अध्यक्ष चुन्नू मिश्रा ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जो गाइडलाइंस जारी की गई है. वह आम भावनाओं के खिलाफ है. ऐसे में राज्य सरकार को इस तरह की गाइडलाइंस जारी करने से पहले पूजा समितियों और समाजसेवियों से जरूर चर्चा करनी चाहिए थी.

रांची जिला छठ पूजा समिति के सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार ने तमाम शॉपिंग मॉल और बाजार को खोलने की अनुमति दे रखी है. बाजार में हर दिन पहले से ही बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ त्योहार के मौसम में उमड़ रही है. ऐसे में संक्रमण का खतरा तो पहले से ही मंडरा रहा है. लिहाजा सरकार को ताजा गाइडलाइंस में सुधार करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ छठ घाटों पर पूजा करने की छूट देनी चाहिए. और इसके क्रियान्वयन के लिए प्रशासन को जवाबदेह बनाया जाना चाहिये. हरमू चौक पर छठ पूजा समिति के लोगों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर इसको लेकर एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया.

बता दें राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी ताजा गाइडलाइंस के तहत राज्यभर के तमाम छठ घाटों पर पूजा की मनाही की गई है. श्रद्धालुओं से घरों में ही पूजा करने की अपील की गई है.
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