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झारखंड का खजाना खाली, कैसे होगा काम, श्वेतपत्र जारी कर जनता को बताएगी सरकार

Naween Jha | News18 Jharkhand
Updated: February 5, 2020, 4:16 PM IST
झारखंड का खजाना खाली, कैसे होगा काम, श्वेतपत्र जारी कर जनता को बताएगी सरकार
पैसे की कमी को देखते हुए 1500 करोड़ की लागत से बनने वाले नये सचिवालय का टेंडर रद्द कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि रघुवर सरकार की लूट-खसोट के कारण राज्य का खजाना खाली हो गया है. खजाना का मालिक सरकार होता है. उसके ही टैक्स से खजाना भरता है. लेकिन सरकार इसे भी एक चुनौती के रूप में ले रही है.

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रांची. झारखंड सरकार (Jharkhand Government) का खजाना (Treasury) खाली है. ऐसे में सरकार गैर जरूरी योजनाएं (Non Essential Schemes) बंद करने पर विचार कर रही है. वित्तीय स्थिति को देखते हुए बड़ी योजनाओं को भी स्थगित किया जा सकता है. सरकार पुरानी योजनाओं की भी समीक्षा कर रही है. सरकार के मुताबिक पुरानी रघुवर सरकार (Raghuvar Government) के कामकाज के कारण वर्तमान में सरकार का खजाना खाली हो गया है. इसको लेकर सरकार जल्द श्वेत पत्र जारी करेगी.

राज्य की खराब वित्तीय स्थिति को लेकर मंगलवार को वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सीएम हेमंत सोरेन के साथ बैठक की. इस दौरान वर्तमान हालात में जन कल्याणकारी योजनाएं कैसे चलाई जाएं, इस पर विचार विमर्श हुआ. बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम भी शामिल हुए.

'रघुवर सरकार की लूट-खसोट के कारण राज्य का खजाना खाली'

धनबाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि रघुवर सरकार की लूट-खसोट के कारण राज्य का खजाना खाली हो गया है. खजाना का मालिक सरकार होता है. उसके ही टैक्स से खजाना भरता है. लेकिन सरकार इसे भी एक चुनौती के रूप में ले रही है.

इधर, रांची में न्यूज-18 से खास बातचीत में मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि बजट सत्र में सरकार राज्य की वित्तीय स्थिति की जानकारी जनता को देगी. हमारी सरकार लचर वित्तीय स्थिति का बहाना नहीं बना रही, बल्कि यह हकीकत है. बावजूद इसके सरकार जनता से किये सभी वादों को पूरा करेगी.

'पैसे की कमी के कारण नये सचिवालय का टेंडर रद्द'

जानकारी के मुताबिक खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए सरकार ने सड़क और पुल निर्माण की योजनाओं पर रोक लगा दी है. जिन योजनाओं का कार्यादेश मिल चुका है. उन पर भी काम शुरू करने से रोका गया है. पहले से जारी टेंडर रद्द कर दिये गये हैं. ग्रामीण सड़कों के भी टेंडर रद्द कर दिये गये हैं. पैसे की कमी को देखते हुए 1500 करोड़ की लागत से बनने वाले नये सचिवालय का टेंडर भी रद्द कर दिया गया है. बोर्ड-निगमों में नियुक्ति पर भी रोक लगाई गई है.'बहाना बना रही सरकार'   

हालांकि बीजेपी के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश का कहना है कि जनता से किये वादों को पूरा नहीं करने के लिए सरकार खजाना खाली होने का बहाना बना रही है. जबकि रघुवर सरकार ने खजाने को राज्य के गरीब और जरूरतमंदों के लिए खर्च किया. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि हेमंत सरकार अभी हनीमून पीरियड में है. इस पर अभी नहीं, समय आने पर पक्ष रखूंगा.

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First published: February 5, 2020, 4:15 PM IST
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