झारखंड सरकार 600 बीमार उद्योगों को करेगी पुनर्जीवित, स्टेक होल्डर्स मीट में उद्योगपतियों ने दी ये सलाह

दिल्ली के बाद रांची में स्टेक होल्डर्स मीट आयोजित की गई.

Ranchi News: स्टेक होल्डर्स मीट में उद्योगपतियों ने MSME पर सरकार को ज्यादा जोर देने की सलाह दी गई. कुछ उद्योगपतियों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि बाहर के औद्योगिक घरानों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है.

  • Share this:
रांची. झारखंड सरकार उद्योग को लेकर गंभीर है. इसी क्रम में दिल्ली के बाद रांची में स्टेक होल्डर्स मीट का आयोजन किया गया. इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2021 के लिये इस कार्यक्रम में उद्योगपतियों ने अपने सुझाव दिए. उधोगपतियों के सुझाव को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया जाएगा. उद्योग विभाग ने राज्य में 600 के करीब बीमार उद्योग को जीवित करने का लक्ष्य रखा है. वही अब राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिये इच्छुक उद्योगपतियों को विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

स्टेक होल्डर्स मीट उद्योगपतियों ने MSME पर सरकार को ज्यादा जोर देने की सलाह दी गई. कुछ उद्योगपतियों ने इस बात पर आपत्ति जताई कि बाहर के औद्योगिक घरानों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है, जबकि उनकी स्थिति घर की मुर्गी दाल बराबर जैसी है. सिंगल विंडो सिस्टम ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा और राज्य की उद्योग नीति के फैसले को खुद राज्य के कई सरकारी विभाग ही मनाने को तैयार नहीं है.

स्टेक होल्डर्स मीट में DVC का मुद्दा भी छाया रहा. धनबाद क्षेत्र के उद्योगपतियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुये कहा कि कोयला हमारा पानी हमारा और बिजली का 80 प्रतिशत हिस्सा बंगाल को, ऐसा कब तक चलेगा और ये कहां का न्याय है. वही पिछली सरकार में बड़े पैमाने पर किये गए MOU के बाद धरातल पर उद्योग नहीं लग पाने के लिये भूमि अधिग्रहण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया. उद्योगपतियों का आरोप है कि समय पर जमीन नहीं मिलने की वजह से बड़े उद्योग दूसरे प्रदेश में अपना उद्योग लगा रहे हैं.

उद्योगपतियों के सुझाव पर उद्योग विभाग ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर उद्योग विभाग ने राज्य के 600 के करीब बीमार उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लक्ष्य को प्राथमिकता में रखा है. जबकि अलग- अलग विभाग से संबंधित मामलों में निष्पादन के लिये अब उद्योग लगाने के इच्छुक लोगों को विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. राज्य सरकार द्वारा तैयार नई उद्योग नीति को हर विभाग में सख्ती से लागू कराया जाएगा. उद्योग विभाग ने राज्य में निवेश करने वालों के लिये सिंगल विंडो सिस्टम को दुरुस्त करने के लिये योजना तैयार कर ली है.

उद्योग विभाग ने नई उद्योग नीति को लेकर तैयार ड्राफ्ट में लैंड बैंक, फार्मास्यूटिकल पार्क, प्लास्टिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक मैनिफैक्चरिंग क्लस्टर, लेदर पार्क सहित भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी है. पर्यटन क्षेत्र को भी उद्योग का दर्जा देने की योजना तैयार की गई है. वहीं सरकार ने राज्य में निवेश की राशि पर विभाग की ओर से दी जाने वाली छूट और सुविधा को भी प्रमुखता से रखा है. ताकि निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित करने में कोई कमी ना रह जाए.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.