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झारखंड: दीपावली पर 20 सूत्री और निगरानी समिति गठन की घोषणा फेल, सत्ताधारी दलों में रार!

झारखंड: दीपावली पर 20 सूत्री और निगरानी समिति गठन की घोषणा फेल, सत्ताधारी दलों में रार!

झारखंड में सरकार बनने के 22 महीने बाद भी 20 सूत्री और निगरानी समिति के गठन को लेकर दुविधा बरकरार है (फाइल फोटो)

झारखंड में सरकार बनने के 22 महीने बाद भी 20 सूत्री और निगरानी समिति के गठन को लेकर दुविधा बरकरार है (फाइल फोटो)

Jharkhand News: बीस सूत्री और निगरानी समिति के गठन में जेएमएम को अपनी पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस और आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का भी ख्याल रखना होगा. तीनों दलों को अपने-अपने हिस्से का जिला और प्रखंड की सूची उपलब्ध करानी है. इसी सूची के आधार पर पद का बंटवारा होना है. हालांकि हकीकत यह है कि अब तक सूची तैयार करने के मोर्चे पर तीनों दलों के अंदर मगजमारी जारी है

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रांची. झारखंड की राजनीति (Jharkhand Politics) में समय के साथ उपहार का इंतजार बढ़ता जा रहा है. हेमंत सोरेन सरकार (Hemant Soren Government) दीपावली पर पद का उपहार देने का वादा फिर नहीं निभा पाई. बीस सूत्री और निगरानी समिति गठन के मुद्दे पर 22 महीने बाद भी रार बरकरार है. कहने को तो इस मुद्दे पर बैठकों का दौर जारी है, लेकिन राज्य स्तर पर अधिसूचना जारी होने का इंतजार कब खत्म होगा, यह कोई नहीं जानता. गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को तो अभी बुलावे का इंतजार है. आरजेडी (RJD) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार कहते है कि यह मुख्यमंत्री का क्षेत्राधिकार है.

झारखंड में जेएमम, कांग्रेस और आरजेडी की गठबंधन वाली सरकार है. प्रदेश में हर बार नई सरकार के गठन के बाद सत्ताधारी दलों के नेताओं और कार्यकर्ता की नजरें 20 सूत्री और निगरानी समिति के गठन पर टिकी होती है. इस बार जिला और प्रखंड स्तर पर बनने वाली इस कमिटी में तीन दलों की दावेदारी है. जेएमएम के हिस्से में 13, कांग्रेस के हिस्से में 10 और आरजेडी के हिस्से में एक जिला का फॉर्मूला तय हो चुका है, लेकिन फिर भी बात आगे नहीं बढ़ पा रही है. संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने दीपावली पर कार्यकर्ताओं को पद का उपहार देने की घोषणा कर दी थी. लेकिन अब कांग्रेस के नेता शमशेर आलम इसे स्वीकार करते हुये पार्टी की तरफ तैयारी पूरी कर लेने की बात कह रहे हैं.

सूची तैयार करने के मोर्चे पर JMM, कांग्रेस और RJD में मगजमारी 

बीस सूत्री और निगरानी समिति के गठन में जेएमएम की भूमिका बड़े भाई की तरह है. जेएमएम को अपनी पार्टी के साथ-साथ सहयोगी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का भी ख्याल रखना होगा. तीनों दलों को अपने-अपने हिस्से का जिला और प्रखंड की सूची उपलब्ध करानी है. इसी सूची के आधार पर पद का बंटवारा होना है. हालांकि हकीकत यह है कि अब तक सूची तैयार करने के मोर्चे पर तीनों दलों के अंदर मगजमारी जारी है. जेएमएम के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय के मुताबिक बहुत जल्द इसकी घोषणा कर दी जाएगी. सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है और अब कहीं कोई उलझन नहीं है.

दरअसल झारखंड जैसे प्रदेश में 20 सूत्री और निगरानी समिति की बड़ी भूमिका है. सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत को जानने और सरकार तक सही जानकारी पहुंचाने में यह मददगार साबित होता रहा है. लेकिन बाइस महीने बाद भी अगर 20 सूत्री और निगरानी समिति के गठन पर दुविधा बरकरार है तो बोर्ड-निगम और आयोग का गठन कब हो पायेगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है.

Tags: CM Hemant Soren, Hemant soren government, Jharkhand Government, Ranchi news

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