झारखंड हाईकोर्ट से शिक्षा सचिव ने मांगी माफी, तो खत्म हुआ अवमानना का मामला

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार के अधिकारी ऐसा ना करें कि अवमानना की नौबत आए. (फाइल फोटो)

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार के अधिकारी ऐसा ना करें कि अवमानना की नौबत आए. (फाइल फोटो)

शिक्षा सचिव ने बताया कि हाईकोर्ट (Jharkhand High court) के आदेश का अनुपालन कर दिया गया है. इसके अलावा सचिव ने हाईकोर्ट से बिना शर्त माफी भी मांग ली. जिसके बाद हाईकोर्ट ने अवमानना का मामला खत्म कर दिया.

  • Share this:
रांची. झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High court) के जस्टिस एस चंद्रशेखर की अदालत में आदेश का अनुपालन नहीं करने पर स्कूली शिक्षा सचिव के खिलाफ अवमानना के मामले की शुक्रवार को सुनवाई हुई. इस दौरान सचिव ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कर दिया गया है. शिक्षक को बुधवार को ही स्कूल में योगदान दिला दिया गया है. इस पर अदालत ने स्कूली शिक्षा सचिव के खिलाफ चल रहे अवमानना को समाप्त कर दिया. इसके अलावा सचिव ने हाईकोर्ट से बिना शर्त माफी भी मांग ली. अदालत ने कहा था कि सरकार के अधिकारी ऐसा ना करें कि अवमानना की नौबत आए.

दरअसल शिक्षक रवि उरांव ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. उनके वकील विनोद सिंह ने बताया कि धनबाद के प्राथमिक शिक्षक रवि उरांव को वर्ष 2016 में विभाग ने यह कहते हुए बर्खास्त कर दिया था कि उनकी स्नातक की डिग्री फर्जी है. इसको हाईकोर्ट में चुनौती दी गई. अदालत ने वर्ष 2018 में उन्हें फिर से बहाल करने का आदेश दिया. लेकिन सरकार इसके खिलाफ खंडपीठ में याचिका दाखिल की. खंडपीठ में इस मामले को सरकार की ओर से नहीं बढ़ाए जाने के बाद प्रार्थी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की. पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने स्कूली शिक्षा सचिव के खिलाफ अवमानना चलाने का आदेश दिया था.

हाईकोर्ट के नये भवन को लेकर सुनवाई

झारखंड हाईकोर्ट के नये भवन के निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायमूर्ति रत्नाकर भेंगरा की खंडपीठ में सुनवाई हुई. इस दौरान राज्य के मुख्य सचिव एवं भवन निर्माण सचिव वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से उपस्थित रहे. मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए 23 अप्रैल का समय निर्धारित किया गया है. इस बीच राज्य सरकार को शपथपत्र के माध्यम से यह बताने को कहा गया है कि भवन के अधूरे कार्य को पूरा करने की सरकार के पास क्या योजना है. इसे कब तक पूरा कर लिया जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज