'कहां तो तय था चराग हर घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए', जानें क्यों झारखंड HC ने की ये तल्ख टिप्पणी

रिम्स की लचर हाल पर झारखंड हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की.

रिम्स की लचर हाल पर झारखंड हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की.

रिम्स को लेकर सरकार के शिथिल व लचर रवैए पर टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट (Jharkhand High court) ने कहा कि 'कहां तो तय था चराग हर घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए'.

  • Share this:
रांची. झारखण्ड उच्च न्यायालय (Jharkhand High court) में आज रिम्स (RIMS) की बदहाल स्थिति पर स्वत: संज्ञान लिए गए मामले पर सुनवाई करते हुए माननीय मुख्य न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन एवं न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य के सचिव एफिडेविट का गेम खेलने में मस्त हैं. और राज्य की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है.

सरकार के शिथिल व लचर रवैए पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि 'कहां तो तय था चराग हर घर के लिए, कहां चराग मयस्सर नहीं शहर के लिए'. कोर्ट ने पूछा कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अस्तालों में बेड की क्या व्यवस्था है. इस पर अधिवक्ता की ओर से बताया गया के सदर अस्पताल में 240 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था कर दी गई है.

Youtube Video


वही हरमु मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के लिए इंतजार कर रहे शवों पर भी कोर्ट को जवाब दिया गया. कोर्ट को बताया गया कि दिल्ली से एक टीम रांची आ रही है जो जल्द से जल्द शवदाह गृह के मशीनों को ठीक करेगी. और व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाएगा.
मंगलवार को रिम्स की व्यवस्था पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने एक बार फिर कड़ी टिप्पणी की. हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत में सिर्फ एफिडेविट का खेल खेला जा रहा है. सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव, रांची उपायुक्त, रिम्स निदेशक और रांची सिविल सर्जन ऑनलाइन उपस्थित रहे.

कोर्ट को बताया गया कि रिम्स में सिटी स्कैन समेत दूसरे जरूरी मशीन की खरीद प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. कोर्ट ने कहा कि पिछले एक साल में कोई भी बदलाव नहीं आया है. मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होगी. कोर्ट ने प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने को कहा है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज